जोहार लाइव ब्यूरो
ओडिशा में प्याज की कीमतों में तेज उछाल आया है. राज्य के कई बाजारों में प्याज अब करीब 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. बालासोर और बेरहामपुर से लेकर बोलांगीर और कटक तक प्याज के दाम बढ़ गए हैं. बाजारों में प्याज की आवक कम होने के कारण कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
ओडिशा की कुल आबादी 4 करोड़ 20 लाख है. ऐसे में प्याज की बढ़ती कीमतों का सीधा असर बड़ी आबादी के घरेलू बजट पर पड़ रहा है.
इस कमी का असर कटक के छत्र बाजार पर भी पड़ा है. यहां पहले रोजाना प्याज से लदे पांच से छह ट्रक पहुंचते थे. कारोबारियों के मुताबिक, अब कभी-कभार सिर्फ एक या दो ट्रक ही बाजार पहुंच रहे हैं. इससे प्याज के दाम बढ़ गए हैं और इसका सीधा असर उपभोक्ताओं और खुदरा विक्रेताओं पर पड़ रहा है.
आपूर्ति में कमी से बढ़े प्याज के दाम
ओडिशा में प्याज का उत्पादन सीमित है, इसलिए राज्य को दूसरे राज्यों से होने वाली आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है. पश्चिमी ओडिशा के कुछ जिलों और अंगुल को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में प्याज की खेती बहुत कम होती है.
इसी वजह से ओडिशा में महाराष्ट्र के नासिक, दिल्ली और आंध्र प्रदेश से प्याज मंगाया जाता है. कारोबारियों का कहना है कि जब इन जगहों से प्याज की आवक कम होती है, तो कीमतें बढ़ी हुई रहती हैं.
सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि बढ़ी हुई कीमतों को लेकर ग्राहक लगातार शिकायत कर रहे हैं. हालांकि, विक्रेताओं का कहना है कि बाजार में कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण उन्हें भी सब्जियां खरीदते समय अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है.
एक ग्राहक ने कहा, “लगभग सभी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं और हमारे लिए घर का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है. प्याज की कीमत भी काफी बढ़ गई है, जिससे हमारी परेशानी और बढ़ गई है. अब हम कम सब्जियां खरीद रहे हैं और अपने बजट में खर्च चलाने की कोशिश कर रहे हैं. उम्मीद है कि जल्द ही कीमतें कम होंगी.”
महाराष्ट्र में बारिश से आपूर्ति पर बढ़ी चिंता
कारोबारियों ने प्याज की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी की एक वजह महाराष्ट्र से कम हुई आपूर्ति को बताया है. उनका कहना है कि मौसम की स्थिति के कारण महाराष्ट्र में प्याज की खेती प्रभावित हुई है, जिसका असर कीमतों पर पड़ा है.
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सितंबर के मध्य के बाद प्याज की कीमतों में कमी आ सकती है.
बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों के लिए प्याज खरीदना मुश्किल होता जा रहा है. स्थानीय लोगों ने सरकार से कीमतों पर नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाने और बाजारों में पर्याप्त प्याज की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.
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