Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»देश»अब खाली पड़ी सरकारी जमीन, बंगलों और फ्लैटों को कब्जे से बचाने के लिए तैनात होंगे निजी सुरक्षाकर्मी!
    देश

    अब खाली पड़ी सरकारी जमीन, बंगलों और फ्लैटों को कब्जे से बचाने के लिए तैनात होंगे निजी सुरक्षाकर्मी!

    Team JoharBy Team JoharOctober 9, 2019No Comments2 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    JoharLive Desk

    नई दिल्ली : केंद्रीय आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय खाली पड़ी सरकारी जमीन, बंगलों और फ्लैट को कब्जे से बचाने के लिए निजी सुरक्षा एजेंसी की सेवा लेने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार की प्रमुख निर्माण एजेंसी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करने का काम सौंपा गया है। इन सुरक्षाकर्मियों में दिल्ली में रह रहे पूर्व सैनिकों को वरीयता दी जाएगी।
    सुरक्षा एजेंसियों को सुरक्षाकर्मियों की तैनाती से पहले उनका सत्यापन दिल्ली पुलिस से कराना होगा। उसके बाद ही उन्हें खाली पड़े सरकारी बंगलों, जमीन और फ्लैटों में तैनात किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसी को एक साल के लिए नियुक्त किया जाएगा और वह खाली पड़ी संपत्ति पर 24 घंटे दो सुरक्षाकर्मियों की तैनाती करेगी।

    सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में ऐसी हजारों संपत्ति हैं जो खाली पड़ी हुई हैं। इनके आधिकारिक मालिकों की गैरहाजिरी में इन पर अतिक्रमण होता रहता है। ऐसी ही संपत्तियों को कब्जे से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद अगर इन पर अतिक्रमण होता है तो एजेंसी को जमीन, बंगले या फ्लैट पर अनाधिकृत कब्जा रहने तक हर दिन 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा।

    सरकार के अनुमानों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसी की नियुक्ति के लिए 93 लाख रुपये की जरूरत होगी। इन संपत्तियों में नियुक्त किए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों के पास न्यूनतम तीन साल का अनुभव होना चाहिए। एजेंसी की सेवा शुरू होते ही उसे रोजाना सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार और आचरण के लिए भी एजेंसी ही जिम्मेदार होगी।

    #National News #Online news Latest news
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleबिहार : भारी वर्षा और जलजमाव से डेंगू का बढ़ता क़हर, मरीज़ों की संख्या 640 के पार
    Next Article बिहार से रजरप्पा मुंडन कराने आ रहे एक ही परिवार के तीन सदस्य की सड़क दुर्घटना में मौत, करीब 12 लोग हुए है घायल

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को जजों से भी ज्यादा कानूनी सुरक्षा मिली है : सुप्रीम कोर्ट

    October 6, 2026
    खेल-सिनेमा

    “आज मैं सभी फॉर्मेट में टीम की कप्तानी छोड़ रही हूं”: हरमनप्रीत का बड़ा फैसला, स्मृति बन सकती हैं अगली कप्तान

    October 6, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    चार राज्यों की 6 सीटों पर वोटिंग, बंगाल में सियासी हलचल तेज; AJUP विधायक हुमायूं कबीर हिरासत में

    October 6, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्ष का मार्च शुरू, हाथ में दिखी तख्ती- ‘Gyanesh, It’s Done Bro’

    October 6, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    CEC के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले 17 छात्र और पत्रकार बरी, कोर्ट ने कहा– ‘युवा हैं, पूरा करियर आगे है’

    October 6, 2026
    खेल-सिनेमा

    भारत-वेस्टइंडीज T20 मैच: रांची में सुरक्षा की कड़ी तैयारी, एडीजी मनोज कौशिक ने किया जे.एस.सी.ए. स्टेडियम का निरीक्षण

    October 5, 2026
    Latest Posts

    झारखंड : बोकारो थर्मल से जुड़े चैतन्य प्रकाश बने NLC India के नए निदेशक (पावर)

    October 6, 2026

    मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को जजों से भी ज्यादा कानूनी सुरक्षा मिली है : सुप्रीम कोर्ट

    October 6, 2026

    देवघर में ATM चोरी का शातिर खेल, देवीपुर में टूटी हालत में मिली मशीन

    October 6, 2026

    सीजीएल परीक्षा पेपर लीक केस : एसआइटी की रिपोर्ट, प्रश्नपत्र रटवाने के दौरान मौजूद था अभय तिवारी

    October 6, 2026

    ओबीसी आरक्षण और जनगणना कॉलम की मांग तेज: झारखंड के कई जिलों में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

    October 6, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.