जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस की कथित कार्रवाई का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) पहुंच गया है. आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए धनबाद के SSP को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. साथ ही, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) पेश करने को कहा है.
यह शिकायत चंडी तिवारी ने की है. उनका आरोप है कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से आयोजित शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान उन्हें परेशान किया गया, मानसिक रूप से डराया गया और पुलिस ने अनुचित कार्रवाई की.

कैमोफ्लाज पैंट पहनने पर रोके जाने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस ने उन्हें कैमोफ्लाज पैटर्न वाली पतलून पहनने के कारण रोका. उनका कहना है कि वे सशस्त्र बलों के सदस्य होने का दावा नहीं कर रहे थे, इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के बाद रात करीब 12:30 बजे पुलिस के दो वाहन उनके घर पहुंचे. वहां परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई, जिससे परिवार के लोगों में डर और मानसिक परेशानी पैदा हुई.
चंडी तिवारी ने अपने और अन्य छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने को लेकर भी चिंता जताई है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने तथा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग की है.
NHRC ने मानवाधिकार उल्लंघन की आशंका जताई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 7 अक्टूबर 2026 के पत्र के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े प्रतीत होते हैं. आयोग की पीठ ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत मामले में संज्ञान लिया है. आयोग की पीठ की अध्यक्षता सदस्य प्रियंक कानूनगो ने की. इसके बाद आयोग की रजिस्ट्री को धनबाद के SSP को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया, ताकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा सके.
कौन हैं चंडी तिवारी?
चंडी तिवारी मूल रूप से धनबाद जिले के रहने वाले हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी. वह रांची में रहकर पिछले सात वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी. रिपोर्ट में उनकी आर्थिक कठिनाइयों का भी उल्लेख किया गया था. उनके परिवार से हर महीने चार हजार रुपये मिलते थे, जिससे उन्हें कमरे का किराया, भोजन और पढ़ाई का खर्च चलाना पड़ता था. बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए उन्हें दोस्तों से कर्ज लेना पड़ता था.
चंडी तिवारी JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़ी हुई है. यह मंच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलनरत थी.
दो सप्ताह में देनी होगी कार्रवाई रिपोर्ट
NHRC ने निर्देश दिया है कि शिकायत पर उचित कार्रवाई करते हुए उसकी रिपोर्ट आयोग के समक्ष पेश की जाए. यह रिपोर्ट नोटिस मिलने के दो सप्ताह के भीतर भेजनी होगी. आयोग ने संबंधित रिपोर्ट की एक प्रति अपने निर्धारित ईमेल पते पर भी भेजने को कहा है.
निर्देश के मुताबिक, सरकारी अधिकारियों को आयोग के साथ आधिकारिक पत्राचार HRCNet पोर्टल के जरिए करना होगा. आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईमेल से भेजी गई रिपोर्ट या जवाब पर विचार नहीं किया जाएगा. ऑडियो-वीडियो सीडी और पेन ड्राइव जैसे साक्ष्य स्पीड पोस्ट या अधिकृत व्यक्ति के माध्यम से भेजे जा सकते हैं.


