आनंद दत्त
सौरभ शर्मा (बदला हुआ नाम) ने साल 2024 में झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (सीजीएल) की परीक्षा दी थी. पास किए तो कोचिंग से लेकर गांव तक में मिठाई बंटने का सिलसिला हफ्तों तक चलता रहा. हद से अधिक बढ़ती बेरोजगारी और और केविड में निजी सेक्टर में काम करनेवालों का हश्र देख, हर कोई सरकारी नौकरी को हर हाल में पाना चाहता है. जाहिर है ऐसी नौकरी अगर किसी को मिल जाती है, समाज में उसका कद बढ़ जाता है.
पेपर लीक की बात सामने आई. आंदोलन हुआ, मुकदमा हुआ. जांच शुरू हुई. पास किए छात्रों ने साफ कहा कि आंदोलन करने से परीक्षा पास नहीं किया जाता है. परीक्षा पास करने के लिए लाइब्रेरी में बैठना होता है, न कि सड़कों पर. बात नहीं नहीं रुकी, एक ने तो यहां तक कह दिया कि जिनके अंदर काबीलियत है, वो खुद पास कर जाते हैं. जो नहीं करते हैं, वो ईर्ष्या में पेपर लीक का आरोप लगाते हैं.

लेकिन जांच में जो चीजें निकल कर आई हैं, वो इन नवनियुक्त अफसरों के बुद्धि की धज्जियां उड़ा दे रही है.
सीआईडी ने जांच के दौरान 300 से अधिक नवनियुक्त अफसरों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा. पूछताछ के दौरान जो जानकारी सामने आई है, वो इन अफसरों की तैयारी, बुद्धि, सामान्य ज्ञान पर सवाल खड़ा कर रहा है.
पूछताछ के दौरान इन अधिकारियों ने सीआईडी के सामने खुद को निर्दोष बताया, किसी भी तरह के पैसे के लेन देन से साफ इंकार किया. जबकि सीआईडी के पास इस लेन देन के पुख्ता सबूत थे. ऐसे में सीआईडी ने एक तरीका इस्तेमाल किया.
सभी को कुछ सवाल दिए गए और उनका जवाब सामने लिखने बोला. कई प्रश्नों में एक प्रश्न ऐसा था, जिसमें यह पूछा गया कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में क्या फर्क है.
सर पकड़कर बैठ गए जांच अधिकारी
सीआईडी के वरीय अधिकारी उस वक्त ये देखकर चौंक गए कि इनमें से 70 प्रतिशत से अधिक वो अधिकारी, जिन्हें जांच के बाद पुख्ता सबूत के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, वैसे अधिकारियों को इस बेसिक से सवाल का जवाब नहीं पता था. यहां तक कि सामान्य स्नातक स्तरीय प्रश्नों के भी जवाब एक भी अधिकारी नहीं दे पाए थे.
अधिकारी सर पकड़ कर बैठ गए. एक दूसरे का मुंह देखने लगे. आपस में सवाल करने लगे कि क्या ऐसे लोग भी अधिकारी बन सकते हैं. उनका चौंकना अभी बाकी था. एक अधिकारी ने कहा कि सर 15 साल पहले ग्रैजुएशन किए थे, इसलिए इन सवालों का जवाब याद नहीं है.
बता दें, जेएसएससी-सीजीएल में अब तक कुल 39 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. गिरफ्तार हुए लोगों में अभय कुमार तिवारी, सुषमा कुमारी, अक्षय तिवारी, दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह, समीर कुमार, कुंदन कुमार, संजय कुमार, अजय कुमार, रामाकृष्णा कुमार सिंह सहित कई अन्य शामिल हैं.


