नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन अब सामने आया मौत का आंकड़ा बेहद डराने वाला है. प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रतिनिधि सभा में बताया कि अब तक 1114 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि इनमें से सिर्फ 95 शव उनके परिवारों को सौंपे जा सके हैं. शाह ने सदन में बाढ़ के बाद सरकार की ओर से चलाए गए राहत और बचाव अभियान की पूरी जानकारी भी दी.
सुबह 8:30 बजे आई आपदा, तुरंत अलर्ट हुईं टीमें
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने बताया कि 26 अगस्त 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे इस भयानक आपदा की जानकारी मिली. इसके तुरंत बाद संबंधित टीमों को अलर्ट कर दिया गया. सुबह करीब 9:15 बजे आपात बैठक बुलाई गई और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव की तैयारी शुरू कर दी गई.
शाह के मुताबिक, हेलीकॉप्टरों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया था. सुबह करीब 10:30 बजे तक इमरजेंसी रेस्क्यू टीमें अभियान के लिए तैयार थीं. सरकार की पहली प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों की जान बचाना थी.
Nepal PM Balen Shah, in the Parliament, thanks India & China for rushing aid after the massive flooding pic.twitter.com/CyAhjoAUQy
— Sidhant Sibal (@sidhant) September 2, 2026
सेना के हेलीकॉप्टरों से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रधानमंत्री ने बताया कि सेना के हेलीकॉप्टरों को प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चलाने का आदेश दिया गया था. हालांकि, कई इलाकों में पहुंचना आसान नहीं था. राहत टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने और वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
दोपहर करीब 1 बजे स्थानीय सांसदों और विधायकों से संपर्क स्थापित हो सका. इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी लेकर राहत और बचाव अभियान को आगे बढ़ाया गया.
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता
बालेंद्र शाह ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता दी गई. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे विदेशी नागरिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एक विशेष टीम भी बनाई गई. सरकार की ओर से रसुवा और नुवाकोट के लिए एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की जानकारी भी प्रधानमंत्री ने सदन में दी.
राहत कोष में मदद की अपील
प्रधानमंत्री ने बताया कि घटना के बाद शाम करीब 7 बजे लोगों से प्रधानमंत्री राहत कोष में योगदान करने की अपील की गई. उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में देश को एकजुट होकर प्रभावित लोगों की मदद करनी होगी.
भीषण बाढ़ के बाद नेपाल सरकार के सभी मंत्रियों ने भी अपनी एक महीने की सैलरी राहत कार्यों के लिए देने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि सरकार का मुख्य फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने, राहत पहुंचाने और बरामद शवों को उनके परिवारों तक पहुंचाने पर है.
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