Johar Live Desk : नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 का फॉर्म और नोटिफिकेशन जारी करने से पहले अभ्यर्थियों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी की है। NTA ने उम्मीदवारों से कहा है कि आवेदन शुरू होने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज अपडेट कर लें, ताकि रजिस्ट्रेशन के समय किसी तरह की परेशानी न हो।
आधार कार्ड अपडेट होना जरूरी
NTA के अनुसार, NEET UG 2026 के लिए आवेदन करने वाले छात्रों का आधार कार्ड पूरी तरह अपडेट और वैध होना चाहिए। आधार में नाम और जन्मतिथि कक्षा 10वीं के प्रमाण पत्र से मेल खानी चाहिए। इसके अलावा लिंग, फोटो, पता और बायोमेट्रिक जानकारी भी सही होनी चाहिए। आधार अपडेट करने के लिए यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट की मदद ली जा सकती है।
इन उम्मीदवारों के लिए खास निर्देश
दिव्यांग (PwD) अभ्यर्थियों को अपना यूडीआईडी कार्ड अपडेट रखना होगा। वहीं, ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी और ओबीसी-एनसीएल वर्ग के उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कैटेगरी सर्टिफिकेट वैध और अपडेट हों।
फॉर्म भरने से पहले रखें ये दस्तावेज तैयार
NEET UG 2026 का फॉर्म भरने से पहले उम्मीदवारों को पासपोर्ट साइज फोटो, पोस्टकार्ड साइज फोटो, हस्ताक्षर, बाएं और दाएं अंगूठे का निशान, कक्षा 10वीं का प्रमाण पत्र, कक्षा 12वीं की मार्कशीट, PwBD प्रमाणपत्र और नागरिकता से जुड़े दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है।
NEET UG सिलेबस में बदलाव
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने NEET UG परीक्षा के सिलेबस में बदलाव किया है। नया सिलेबस फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 11वीं और 12वीं के मुख्य पाठ्यक्रम पर आधारित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विषयों की गहरी समझ रखने वाले छात्रों को फायदा होगा। नया सिलेबस एनएमसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है और 2026 की परीक्षा इसी के आधार पर होगी।
फरवरी में शुरू हो सकता है रजिस्ट्रेशन
पिछले वर्षों के रुझान को देखते हुए NEET UG 2026 का रजिस्ट्रेशन फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है। परीक्षा की तारीख जल्द ही NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित की जाएगी।
क्या है NEET UG परीक्षा
NEET UG परीक्षा के जरिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस और वेटरनरी कोर्स में दाखिला मिलता है। एमबीबीएस की करीब 1.28 लाख सीटों के लिए हर साल लगभग 24 लाख छात्र आवेदन करते हैं।
फेस बायोमेट्रिक सिस्टम की तैयारी
NTA 2026 से NEET और जेईई जैसी परीक्षाओं में पहचान सत्यापन के लिए फेस रिकग्निशन तकनीक लागू करने की तैयारी कर रही है। आवेदन प्रक्रिया में लाइव फोटो लेने का विकल्प भी जोड़ा जाएगा। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
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