मणिपुर के सेनापति जिले में सोमवार को एक बार फिर हिंसा भड़क उठी. ताफू और आसपास के इलाकों में तड़के आगजनी की घटनाओं के बाद दो गुटों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान घायल हो गया. घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, तड़के करीब 2.30 बजे कांगपोकपी जिले के ताफू कुकी गांव में एक मकान में आग लगा दी गई. इसके बाद करीब 4 बजे सेनापति जिले के नागा ताफू इलाके में कई मकानों में आगजनी की सूचना मिली. आगजनी की घटनाओं के बाद इलाके में तनाव फैल गया.
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, ताफू कुकी में एक मकान पूरी तरह जल गया, जबकि दो अन्य मकानों को नुकसान पहुंचा. इसके बाद 9एमआर और मारेइमेई इलाके में भी मकानों को निशाना बनाए जाने की सूचना सामने आई. हालांकि, आगजनी में कुल कितने मकान क्षतिग्रस्त या पूरी तरह जले हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है.
गोलीबारी में सीआरपीएफ जवान घायल
आगजनी के बाद सुबह करीब 9.20 बजे ताफू नागा इलाके में दो गुटों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई. इसी दौरान सीआरपीएफ की 36वीं बटालियन के एक जवान को गोली लगी. उसे सेनापति जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है.
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गोलीबारी की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई और सीआरपीएफ जवान को गोली किस दिशा से लगी. पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.
एनएच-2 पर प्रदर्शन, तनाव बरकरार
आगजनी की घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने सेनापति गेट पर प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (एनएच-2) पर लकड़ियां और टायर जलाकर रास्ता बाधित किया. इससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई.
ताफू कुकी विलेज अथॉरिटी ने घर जलाए जाने की घटना की निंदा करते हुए दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है. संगठन ने प्रशासन से मामले की जांच करने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने को कहा है.
फिलहाल इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. आगजनी के पीछे कौन लोग थे और दोनों घटनाओं के बीच क्या सीधा संबंध है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. पुलिस ने अभी किसी समुदाय या संगठन को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है.
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