Ranchi : झारखंड के चर्चित शराब घोटाले में आरोपित शराब कारोबारी नवीन केडिया को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सशर्त जमानत दे दी है। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया है कि केडिया को निचली अदालत में पांच लाख रुपये का बेल बॉन्ड जमा करना होगा।
जमानत के साथ सख्त शर्तें
अदालत ने जमानत देते हुए कई शर्तें भी तय की हैं। केडिया को अपना पासपोर्ट निचली अदालत में जमा करना होगा। इसके अलावा बेलर उनका नजदीकी रिश्तेदार होना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि वह अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अदालत को उपलब्ध कराएं। साथ ही, जांच अधिकारी जब भी बुलाएं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होगा।
अदालत में क्या हुआ
इस मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय की न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी की अदालत में हुई। केडिया की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता देवाशीष भारूका ने पैरवी की, जबकि एसीबी की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गाड़ोदिया ने जमानत का विरोध किया। उन्होंने अदालत में कहा कि शराब घोटाले में केडिया की भूमिका गंभीर है, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
पहले भी खारिज हो चुकी थी जमानत
इससे पहले केडिया ने एसीबी की विशेष अदालत में जमानत की अर्जी दी थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। हालांकि, पहले भी हाईकोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका था, क्योंकि उस समय वह फरार थे।
क्या है पूरा मामला
नवीन केडिया पर आरोप है कि उन्होंने झारखंड की पुरानी उत्पाद नीति के दौरान निम्न गुणवत्ता वाली देसी शराब की आपूर्ति की। यह मामला सामने आने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने जांच शुरू की थी।
गोवा से हुई थी गिरफ्तारी
केडिया को 7 जनवरी 2026 को गोवा से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 9 जनवरी को गोवा की अदालत ने उन्हें चार दिन की अंतरिम जमानत दी थी। शर्त के मुताबिक उन्हें 12 जनवरी तक एसीबी रांची के सामने सरेंडर करना था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मांग ठुकराई गई
आरोपित ने अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि पहली पेशी के लिए शारीरिक रूप से उपस्थित होना जरूरी है, जैसा कि झारखंड हाई कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम 2025 में प्रावधान है। इस फैसले के बाद अब मामले की जांच आगे बढ़ेगी और केडिया को तय शर्तों का पालन करना होगा।
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