Giridih : खंडोली डैम इन दिनों प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार हो गया है। सर्दियों की शुरुआत होते ही साइबेरियन डक समेत कई विदेशी पक्षियों ने यहां डेरा डाल दिया है। हर साल की तरह इस बार भी करीब 4 हजार किलोमीटर का कठिन सफर तय कर ये पक्षी खंडोली के शांत और स्वच्छ जलाशय में पनाह ले रहे हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार सुबह के समय जब ये पक्षी झील की लहरों के बीच उड़ान भरते हैं, तो नजारा किसी प्राकृतिक उत्सव जैसा दिखाई देता है। साइबेरियन डक फरवरी तक खंडोली डैम में रहते हैं। सर्दियों में साइबेरिया में तापमान -30°C तक गिर जाता है और वहां भोजन संकट पैदा हो जाता है, इसलिए ये पक्षी गर्माहट और भोजन की तलाश में एशिया के अपेक्षाकृत गर्म क्षेत्रों की ओर उड़ान भरते हैं।
खंडोली और आसपास के जलक्षेत्र में अब तक 82 से अधिक प्रवासी और स्थानीय पक्षी प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है। इसमें हेडेड गूज, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, नॉर्दर्न पिनटेल, ग्रे-लेग गूज, कॉमन पोचार्ड, व्हाइट वैगटेल, ग्रेट क्रेस्टेड ग्रीव, स्नो क्रॉन, रूबी थ्रोट और ग्रास हॉपर जैसी प्रमुख प्रजातियां शामिल हैं। साइबेरियन डक सर्वाहारी होते हैं और जलकुंभी, कीट-पतंगे, शैवाल, जलीय पौधों, मछलियों के अंडों और छोटी मछलियों से अपना भोजन जुटाते हैं।
सर्दियों में खंडोली डैम नौका विहार, फोटोग्राफी और पिकनिक के लिए सैलानियों की पसंदीदा जगह बन जाता है। स्थानीय निवासी अवनीश अंशु बताते हैं कि प्रवासी पक्षियों की आवाजें पूरे क्षेत्र को जीवंत कर देती हैं। सैलानी नौकाविहार करते हुए इन विदेशी मेहमानों को निहारते हैं और पिकनिक मनाने पहुंचे परिवार पक्षियों की उड़ान, तैराकी और झुंडों में खेलते व्यवहार को कैमरे में कैद करने में व्यस्त रहते हैं।
Also Read : पटना मुरादपुर में पुलिस-आरोपी के बीच मुठभेड़, रंगदारी मांगने वाला अपराधी घायल


