Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»CNT एक्ट पर मरांडी का वार, बोले- राजधानी में आदिवासी जमीन पर खुला कब्जा
    झारखंड

    CNT एक्ट पर मरांडी का वार, बोले- राजधानी में आदिवासी जमीन पर खुला कब्जा

    Team JoharBy Team JoharFebruary 17, 2026Updated:February 17, 2026No Comments2 Mins Read4
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    बाबूलाल
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ranchi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट डालते हुए कहा कि राजधानी में आदिवासी जमीन पर खुलेआम CNT एक्ट की अवहेलना हो रही है। उनके मुताबिक, अदालत के स्पष्ट आदेशों के बावजूद प्रशासन इस मामले में दखल नहीं दे पा रहा है।

    राजधानी रांची में खुलेआम CNT एक्ट की अवहेलना हो रही है। न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद प्रशासन दखल-दिहानी कराने में विफल साबित हो रहा है। अरगोड़ा अंचल में महतो उरांव की 1.19 एकड़ जमीन को चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें दखल नहीं मिल सका है, जो अत्यंत चिंताजनक…

    — Babulal Marandi (@yourBabulal) February 17, 2026

    चार दशक बाद भी नहीं मिली जमीन

    मरांडी ने विशेष रूप से अरगोड़ा अंचल के महतो उरांव की 1.19 एकड़ जमीन का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि चार दशक से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद जमीन के मालिक को अभी तक उसका हक नहीं मिला है। इसे उन्होंने “अत्यंत चिंताजनक” बताया।

    नेताओं और बिल्डरों की मिलीभगत?

    बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि रांची में आदिवासी जमीन पर सीएम हेमंत सोरेन, सत्ताधारी नेताओं, बिल्डरों और प्रभावशाली लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। इन कब्जों पर अपार्टमेंट और बैंक्वेट हॉल जैसी निर्माण गतिविधियां भी चल रही हैं। मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन जी ‘जल, जंगल, जमीन’ का नारा देते हैं, लेकिन रांची, दुमका, रामगढ़, धनबाद और जमशेदपुर तक आदिवासियों की जमीन पर कब्जा बढ़ता जा रहा है।

    शिबू सोरेन के दौर की याद

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि आदिवासी जमीन पर कब्जे की प्रवृत्ति शिबू सोरेन के समय शुरू हुई थी, और अब वही प्रवृत्ति व्यापक रूप लेती दिखाई दे रही है। चाहे वह आदिवासी जमीन हो, आवास बोर्ड की जमीन हो या गैर-मजरुआ जमीन – हर जगह अवैध कब्ज़े हो रहे हैं।

    मरांडी की मांग : सख्त कार्रवाई हो

    बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से मांग की है कि वे इस गंभीर मामले पर तुरंत संज्ञान लें और महतो उरांव को उनकी जमीन पर विधिसम्मत अधिकार दिलाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाए, जो रांची और राज्य के अन्य हिस्सों में आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

    Also Read : बाबूलाल मरांडी समेत कई दिग्गजों की मौजूदगी में CM हेमंत सोरेन ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

    Argora region Babulal marandi CNT Act CNT एक्ट Hemant Soren illegal occupation jharkhand land dispute land grabbing law and justice Mahato Oraon political allegations ranchi Shibu soren state government tribal land Tribal Rights अरगोड़ा अंचल अवैध कब्जा आदिवासी अधिकार. आदिवासी जमीन कानून और न्याय जमीन विवाद झारखंड बाबुलाल मरांडी भूमि हड़पना महतो उरांव रांची राजनीतिक आरोप राज्य सरकार शिबू सोरेन हेमंत सोरेन
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleबजट पर मंथन को तैयार झारखंड विधानसभा, सर्वदलीय बैठक में बनी रणनीति
    Next Article जेल से छूटते ही अपराधियों पर होगी निगरानी, आईजी भास्कर ने रामगढ़ में दिये सख्त निर्देश

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    एनसीपी में शरद और अजीत गुट के विलय की संभावना, झारखंड बनेगा कारक

    July 20, 2026
    क्राइम

    धनबाद : CISF की बड़ी कार्रवाई, तीन हफ्तों में पकड़े एक करोड़ का अवैध कोयला

    July 19, 2026
    खेल-सिनेमा

    देवघर : फुटबॉल की ट्रेनिंग नहीं, खिलाड़ियों को मिल रही सेंटर बंद की धमकी और गाली

    July 19, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    आखिर क्यों और कैसे खत्म हुआ आदिवासियों का केन-बेतवा आंदोलन?

    July 19, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    शिक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल, छात्रों से बात करे सरकार: नवीन पटनायक

    July 19, 2026
    आदिवासी

    बातचीत: दादा-दादी की कहानियों से निकली ‘आंगेन’ ने रचा इतिहास, पहली बार नेशनल अवॉर्ड तक पहुंचा संथाली सिनेमा

    July 19, 2026
    Latest Posts

    एनसीपी में शरद और अजीत गुट के विलय की संभावना, झारखंड बनेगा कारक

    July 20, 2026

    चतरा : ईटखोरी ज्वेलरी चोरी का खुलासा, ओडिशा से एक बदमाश गिरफ्तार

    July 19, 2026

    धनबाद : CISF की बड़ी कार्रवाई, तीन हफ्तों में पकड़े एक करोड़ का अवैध कोयला

    July 19, 2026

    देवघर : फुटबॉल की ट्रेनिंग नहीं, खिलाड़ियों को मिल रही सेंटर बंद की धमकी और गाली

    July 19, 2026

    आखिर क्यों और कैसे खत्म हुआ आदिवासियों का केन-बेतवा आंदोलन?

    July 19, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.