Ramgarh : रामगढ़ जिले में बढ़ती फायरिंग, आगजनी और रंगदारी की घटनाओं को लेकर पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। मंगलवार को बोकारो प्रक्षेत्र के आईजी सुनील भास्कर ने रामगढ़ एसपी कार्यालय में जिले के सभी बड़े अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। इसमें रामगढ़ एसपी अजय कुमार, पतरातू के एसडीपीओ, मुख्यालय डीएसपी और सभी थाना-ओपी प्रभारी शामिल हुए। बैठक में साफ कहा गया कि अब अपराधियों को किसी भी सूरत में ढील नहीं मिलेगी।
विदेश में बैठकर गिरोह चलाने वालों पर नजर
पुलिस को इनपुट मिला है कि कुछ गिरोह सरगना देश से बाहर रहकर यहां नेटवर्क चला रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और लुक आउट नोटिस जारी करने की तैयारी करने को कहा गया है। मतलब साफ है, चाहे जहां छिपे हों, अब पुलिस उनकी तलाश में कानूनी रास्ता अपनाएगी।
जेल से छूटते ही शुरू होगी निगरानी
अब जो भी अपराधी जेल से छूटेगा या जमानत पर बाहर आएगा, उसकी रोजाना मॉनिटरिंग होगी। ई-प्रिजन सिस्टम से हर दिन लिस्ट निकाली जाएगी और थाना स्तर पर उसका सत्यापन किया जाएगा। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखी तो तुरंत कार्रवाई होगी।

गिरोह के हर सदस्य पर बनेगा डोजियर
पुलिस ने तय किया है कि संगठित गिरोह से जुड़े हर आरोपी पर डोजियर तैयार होगा। उन पर सर्विलांस बढ़ाई जाएगी और जरूरत पड़ी तो सीसीए जैसी निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। मासिक अपराध बैठक में हर थाना प्रभारी को बताना होगा कि अपने इलाके में गिरोहों पर क्या कार्रवाई की गई।
दागियों का घर-घर सत्यापन
जिले में विशेष अभियान चलाकर पुराने अपराधियों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। वे अभी क्या कर रहे हैं, कहां रह रहे हैं, किसके संपर्क में हैं, इसकी पूरी जानकारी अपडेट की जाएगी। अगर कोई अपराधी दूसरे जिले का है तो वहां के एसपी को लिखकर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
व्यवसायियों को मिलेगी सीधी सुरक्षा लाइन
अक्सर ठेकेदारों और कारोबारियों को धमकी भरे कॉल आने की शिकायत मिलती है। इसे गंभीरता से लेते हुए हर जिले में डीएसपी स्तर के अधिकारी को नोडल बनाया जाएगा। ये अधिकारी निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों, बड़े व्यवसायियों और संचालकों का पूरा डेटा रखेंगे। हर एक-दो दिन पर उनसे संपर्क कर पूछेंगे कि कोई धमकी तो नहीं मिली। अगर कॉल या मैसेज आया तो तुरंत जांच और कार्रवाई होगी।
एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर सख्ती
जिले में आने-जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर ट्राइगोनल स्लाइडिंग बैरियर लगाए जाएंगे। वहां नियमित वाहन चेकिंग होगी और हर एंट्री को रक्षक ऐप में दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। एसडीपीओ स्तर के अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे।
जुआ और अड्डेबाजी पर विशेष छापेमारी
शराब पीकर अड्डेबाजी करने वाले स्थानों और जुआ के अड्डों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाएगा। पुलिस का साफ कहना है कि ऐसे ठिकानों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के अंत में साफ संदेश दिया गया कि कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। संगठित अपराध, रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी से काम करना होगा। आने वाले दिनों में जिले में पुलिस की सख्ती साफ नजर आ सकती है।
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