Jamtara : झारखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं नाला विधायक रविंद्र नाथ महतो ने गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। मंगलवार को नाला ब्लॉक के समीप स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि नाला विधानसभा क्षेत्र में 36 हजार से अधिक मतदाताओं के नामों की मैपिंग अब तक पूरी नहीं हो पाई है। यदि समय रहते यह कार्य पूरा नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम आगामी मतदाता सूची से हट सकते हैं।
बैठक में विभिन्न पंचायतों से पहुंचे कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची सत्यापन, नामों की मैपिंग और आगामी जनगणना से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मतदान लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी पात्र नागरिक को उसके मतदान अधिकार से वंचित नहीं होने दिया जाना चाहिए।
छूटे हुए मतदाताओं की पहचान कर आयोग तक पहुंचाएं जानकारी
रविंद्र नाथ महतो ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे मतदाताओं की पहचान करें जिनके नामों की मैपिंग नहीं हो सकी है। इन लोगों की जानकारी समय पर निर्वाचन विभाग और चुनाव आयोग तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक काम नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी है। कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने में सहयोग करना चाहिए।
जनगणना में किसी भी व्यक्ति का नाम नहीं छूटना चाहिए
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने आगामी जनगणना को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान किसी भी व्यक्ति का नाम छूटना नहीं चाहिए। सही जनगणना से सरकार को क्षेत्र की वास्तविक आबादी, सामाजिक स्थिति और आर्थिक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है। इसी आधार पर विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं और संसाधनों का वितरण होता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम जनगणना में दर्ज नहीं होता है तो वह कई सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से भी वंचित हो सकता है। इसलिए जनगणना कार्य में सभी को सहयोग करना चाहिए।
सरना धर्म कोड की मांग फिर उठाई
बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सरना धर्म कोड के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से सरना धर्म के लिए अलग धर्म कोड की मांग करता आ रहा है, लेकिन इस बार भी जनगणना प्रपत्र में इसके लिए अलग व्यवस्था नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि सरना धर्मावलंबियों की वास्तविक संख्या का सही आकलन तभी संभव है जब जनगणना में उन्हें अलग पहचान दी जाए। इसके लिए राज्य सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से लगातार मांग की जा रही है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे कार्यकर्ता
बैठक में प्रखंड सचिव वासुदेव हांसदा, बीस सूत्री सदस्य भव सिंधु लायेक, तूफान पाल, राजू दास, राणा हालदार, उज्जवल मंडल, मुकेश झा, सुकेन मरांडी, मिथुन भद्र, बनमाली माजी, बानेश्वर पाल, नारायण मरांडी और भोलानाथ पाल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की मैपिंग और जनगणना से जुड़े कार्यों को गंभीरता से पूरा करने का भरोसा दिलाया।
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