Hazaribagh : हजारीबाग में सामने आए 28 करोड़ रुपये के कोषागार घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ताजा जांच में आरोपी सौरभ सिंह के पास करीब डेढ़ करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट मिलने से पूरे मामले में हड़कंप मच गया है।
मनी ट्रेल खंगाल रही जांच एजेंसियां
जांच एजेंसियां अब इस रकम के स्रोत और उससे जुड़े मनी ट्रेल की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। बैंक खातों, लेन-देन और निवेश के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि घोटाले की रकम कहां-कहां पहुंची।
एफडी बनी जांच की अहम कड़ी
सौरभ सिंह के नाम पर मिली एफडी को इस पूरे घोटाले की बड़ी कड़ी माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
मुख्य आरोपियों को नोटिस, संपत्ति सीज की तैयारी
मामले के मुख्य आरोपी शंभू कुमार और अमीर बानो को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। प्रशासन ने 15 अप्रैल तक अंतिम मौका दिया है। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर संपत्ति सीज करने की कार्रवाई की जा सकती है।
संपत्ति पर भी उठे सवाल
जांच में यह भी सामने आया है कि कम कीमत में जमीन खरीदकर उस पर चार मंजिला इमारत खड़ी कर दी गई। इससे पूरे मामले में वित्तीय गड़बड़ी की आशंका और गहरी हो गई है।
बड़ा नेटवर्क होने के संकेत
स्थानीय जानकारों का मानना है कि यह घोटाला सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। जांच एजेंसियां अब हर एंगल से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।
Also Read : रांची यूनिवर्सिटी में 8 घंटे तालाबंदी, सत्र लेट और परीक्षा गड़बड़ी पर छात्रों का गुस्सा


