New Delhi/Ranchi : हजारीबाग में डीसी रहते हुए सेवायत भूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री मामले में जेल में बंद IAS अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने उन्हें जमानत दे दी। यह सुनवाई जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ में हुई, जहां कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद सशर्त बेल मंजूर की।
किन शर्तों पर मिली जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने विनय चौबे को कुछ सख्त शर्तों के साथ जमानत दी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि वे देश नहीं छोड़ेंगे और केस से जुड़े गवाहों से दूरी बनाए रखेंगे। इन शर्तों के साथ बेल मिलने से उन्हें बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन केस अभी भी जारी रहेगा।
हाईकोर्ट से पहले मिल चुका था झटका
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। 6 जनवरी को जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने उन्हें बेल देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां अब जाकर उन्हें राहत मिली है।
ACB केस और चार्जशीट
यह पूरा मामला ACB द्वारा दर्ज केस से जुड़ा है। पिछले साल अगस्त में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसीबी ने कांड संख्या 9/2025 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के बाद ACB ने विनय चौबे के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दी है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
क्या है पूरा मामला
विनय चौबे पर आरोप है कि हजारीबाग में डीसी रहते हुए उन्होंने सेवायत भूमि की खरीद-बिक्री में अनियमितता बरती। इसी मामले में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वे बाहर आ सकेंगे, लेकिन जांच और ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी।
आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी
फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब आगे ट्रायल के दौरान ही यह तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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