Patna : राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव इलाज के बाद राजधानी दिल्ली से बिहार लौट आए हैं। बताया जा रहा है कि वे स्वास्थ्य जांच और इलाज के लिए दिल्ली गए थे। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि उनकी यह यात्रा ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले से जुड़ी कानूनी और राजनीतिक गतिविधियों से भी जुड़ी रही है। दरअसल, इसी मामले में शुक्रवार को ही लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर लगातार हमला बोल रहा है, जबकि राजद इसे राजनीतिक साजिश बता रहा है।
यहां याद दिला दें कि लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि जब वे रेल मंत्री थे, उस दौरान बिना किसी विज्ञापन और तय प्रक्रिया के रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरियां दी गईं। मुंबई, कोलकाता, जबलपुर और जयपुर जोन में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गईं। आरोप है कि इन नौकरियों के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई। जांच एजेंसियों के अनुसार, कुछ लोगों ने अपनी जमीन राबड़ी देवी, मीसा भारती और अन्य परिजनों के नाम कर दी। कागजों में जमीन की कीमत कुछ लाख दिखाई गई, जबकि बाजार कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। बदले में पहले अस्थायी और बाद में स्थायी नौकरी दी गई।
सत्ता परिवर्तन के बाद इस मामले की जांच शुरू हुई। पहले सीबीआई और बाद में ईडी ने जांच की। पहली चार्जशीट में 7 आरोपियों के नाम थे, जबकि दूसरी चार्जशीट में यह संख्या बढ़कर 78 हो गई। इसमें वे 38 लोग भी शामिल हैं जिन्हें नौकरी दी गई थी। ईडी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का भी केस दर्ज किया है। एजेंसी का दावा है कि लालू परिवार को सात अलग-अलग जगहों पर जमीन मिली, जिसमें करीब एक लाख पांच हजार वर्ग फीट जमीन मात्र 26 लाख रुपये में खरीदी गई, जबकि उसकी बाजार कीमत 4.39 करोड़ रुपये से अधिक थी। जांच एजेंसियों का आरोप है कि यह मामला करीब 600 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हो सकता है।
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