जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड पब्लिक सर्विस कमिशन घोटाला मामले में गिरफ्तार हो चुके आरोपियों पर सीआईडी का शिकंजा हर दिन कसता जा रहा है. बुधवार 21 अक्टूबर को सीआईडी ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते सहित कुल 12 लोगों पर चार्जशीट दाखिल कर दिए.
इसमें ख्यांगते के अलावा श्वेता कुमारी गुप्ता, मुख्य सरगना टीडीपीएल एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी, निदेशक रामवीर सिंह, मो. उस्मान, मो. एबाद (पांच की गिरफ्तारी 22 जुलाई को) हेमंत कुमार वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह, संजय कुमार (तीनों की गिरफ्तारी 24 जुलाई), सोनू कुमार, अरविंद कुमार (गिरफ्तारी 25 जुलाई), सुमन सौरभ (गिरफ्तारी 30 जुलाई) और एल ख्यांग्ते (गिरफ्तारी 10 अगस्त) मामले के सभी आरोपी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है.
आरोप में परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, ओएमार शीट में हेरफेर के अलावा चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे बिंदू शामिल हैं. जांच में वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) परीक्षाओं की ओएमआर शीट में कथित छेड़छाड़, उत्तर पुस्तिकाओं को परिसर से बाहर ले जाने और परीक्षा परिणामों में डिजिटल हेरफेर के आरोप भी सामने आया. चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता ने 26 मई 2026 को व्हाट्सऐप के माध्यम से परीक्षा की उत्तर-कुंजी टीडीपीएल के कर्मचारी मो. उस्मान को भेजी थी.
आपको बता दें, जोहार लाइव ने सबसे पहले इन सभी मामलों का खुलासा चरणबद्ध तरीके से किया था. सबसे पहले बीते 9 अगस्त को जोहार लाइव ने खुलासा किया था कि 2 करोड़ रुपए और टोटल बिलिंग पर 20 प्रतिशत कमीशन की डील तय होने पर एल ख्यांगते ने टीडीपीएस कंपनी को जेपीएससी परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी दी थी.
जिसके बाद पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को ठीक एक दिन बाद यानी 10 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया. यह प्रकरण सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 से जुड़ा है। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज है. वहीं जांच के क्रम में पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह समेत पांच आरोपियों को 22 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया था.
ध्यान देने वाली बात ये है कि अपर न्यायायुक्त प्रथम की अदालत में अवकाश के दौरान जांच अधिकारी ने शून्यकाल में चार्जशीट दाखिल की है. एक भी दिन की देरी होती तो 12 में से पांच आरोपी डिफॉल्ट बेल का हकदार हो जाते. पूरे मामले में जल्द ही दूसरी चार्जशीट भी दायर की जाएगी.

