जिन्हें आधुनिक भारतीय राजनीति का ‘चाणक्य’ कहा जाता है और जिनकी सोच को बीजेपी का ‘चुनावी मास्टरमाइंड’ माना जाता है—वे हैं अमित शाह. संघ की शाखा से निकलकर दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में गृह मंत्री की कुर्सी तक का उनका यह सफर कोई साधारण यात्रा नहीं है. यह कहानी है एक ऐसे शख्स की, जिसने अपने संगठन कौशल से बीजेपी को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनाया और भारत के राजनीतिक नक्शे को हमेशा के लिए बदल दिया.
अमित शाह का जन्म 22 अक्तूबर 1964 को मुंबई में हुआ था. उनके पिता का नाम अनिलचंद्र शाह और माता का नाम कुसुमबेन शाह है. उनका परिवार मूल रूप से गुजरात से जुड़ा था. अमित शाह ने अपने जीवन के शुरुआती 16 वर्ष गुजरात के मानसा में बिताए. स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उनका परिवार अहमदाबाद चला गया. जहां उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से बीएससी की पढ़ाई की, लेकिन दूसरे वर्ष तक ही पढ़ाई की. वे पढ़ाई छोड़कर (RSS) संघ और छात्र राजनीति से जुड़े. जिसके बाद 22 दिसंबर 1987 को उनका विवाह सोनल शाह से हुआ. इस विवाह से उनका एक बेटा जय शाह है.
RSS से साधारण कार्यकर्ता और चुनावी राजनीति का सफर
अमित शाह का जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से रहा है. वे छात्र जीवन में RSS की गतिविधियों से जुड़े और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में सक्रिय हुए.अमित शाह ने साल 1987 में भारतीय जनता पार्टी के युवा संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) से जुड़कर अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की. साल 1989 में वे अहमदाबाद में बीजेपी के सचिव बने. इसके बाद 1997 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया.
अमित शाह ने चुनावी राजनीति में अपनी भूमिका की शुरुआत चुनाव अभियानों से की. साल 1991 में गांधीनगर लोकसभा सीट से लालकृष्ण आडवाणी और 1996 में इसी सीट से अटल बिहारी वाजपेयी के चुनाव अभियान में उन्होंने अहम भूमिका निभाई.
साल 2001 में जब नरेंद्र मोदी ने राजकोट-2 विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ा, तब अमित शाह को उनके चुनाव अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक तालमेल और मजबूत होता गया.
अमित शाह गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट (1997 से 2012 तक) से लगातार चार बार विधायक रहे. वहीं 2012 में नारनपुरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की. बता दें, साल 2002 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली गुजरात सरकार में अमित शाह को गृह राज्य मंत्री बनाया गया. उन्होंने करीब एक दशक तक राज्य सरकार में यह जिम्मेदारी संभाली. मंत्री के तौर पर कार्यकाल के दौरान उन्होंने गृह, पुलिस, जेल, परिवहन, निषेध, आबकारी, कानून और संसदीय कार्य जैसे विभागों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं.
सोहराबुद्दीन शेख मामला
अमित शाह के राजनीतिक जीवन में 2010 एक अहम मोड़ था. सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था. उस समय वे गुजरात सरकार में गृह राज्य मंत्री थे और गिरफ्तारी के बाद उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया. उन्हें बाद में जमानत मिली.
मामला गुजरात से मुंबई स्थानांतरित किया गया था और सीबीआई ने 2013 में उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया. हालांकि, 30 दिसंबर 2014 को मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने अमित शाह को मामले में आरोपमुक्त कर दिया.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने
साल 2013 में अमित शाह को बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया और उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में बीजेपी के प्रदर्शन के बाद उनका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा. अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के 80 में से 71 सीटें जीतवायी थी.
यहीं अमित शाह एक बेहद गंभीर चुनावी रणनीतिकार की के रूप में सामने आये उन्हें बीजेपी का चाणक्य तक कहा जाने लगा. जिसके बाद जुलाई 2014 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. हालांकि, यह उपनाम साल 2019 के लोकसभा चुनाव के जीत के बाद मजबूत हुआ.
राज्यसभा से लोकसभा
अगस्त 2017 में अमित शाह गुजरात से राज्यसभा के सदस्य चुने गए. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें गांधीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया. उन्होंने 5.57 लाख (5,57,014) मतों के अंतर से जीत दर्ज की और लोकसभा पहुंचे. अमित शाह ने कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. सी. जे. चावड़ा को हराया था. जिसमें अमित शाह को 8.94 लाख (8,94,624) वोट मिले थे.
जिसके बाद 1 जून 2019 को अमित शाह ने केंद्र सरकार में गृह मंत्री का पद संभाला. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और प्रभाव बढ़ा. वहीं केंद्र सरकार ने जुलाई 2021 में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया और अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी.
साल 2024 के लोकसभा चुनाव में अमित शाह एक बार फिर गांधीनगर सीट से चुनाव मैदान में उतरे और जीत दर्ज कर दोबारा लोकसभा पहुंचे. इस समय भी अमित शाह 10.1 लाख (10,10,972) वोट मिले थे. जिसमें कांग्रेस के सोनल रमणभाई पटेल को 7.44 लाख (7,44,716) वोट से हराया था.
इस तरह बीजेपी संगठन में युवा मोर्चा से शुरुआत करने वाले अमित शाह ने पार्टी अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री तक का सफर तय किया.
