आनंद दत्त
बीते 30 मार्च को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में घोषणा किया कि देश नक्सल मुक्त हो गया है. अगली बारी ड्रग्स और कोयले के अवैध तस्करी की थी. बीते 5 जुलाई को गृहमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. यहां एक शब्द निकला जीरो कोल लिकेज.
उन्होंने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) को निर्देश दिया कि धनबाद सहित देशबर में अवैध कोयला खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए “जीरो कोल लीकेज योजना” लागू की जाए. इस उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी के अलावा कोयला से संबंधित सभी कोल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे.
योजना पूरे हनक के साथ लागू हुई. सीआईएसएफ ने आते ही ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की. जाहिर है, हड़कंप मचना तय था. अब कार्रवाई के तीन महीने बीते हैं, जो आंकड़ा निकल कर आया है, वो बेहद चौंकाने वाले हैं.
विभिन्न सूत्रों, अवैध खनन में शामिल लोगों, सरकारी अधिकारियों और ग्राउंड रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पूरे राज्य में प्रतिमाह 200.39 करोड़ रुपए की अवैध वसूली पर फिलहाल रोक लग गई है. जाहिर है, वसूली का सिस्टम कई दशकों से अपनी पूरी गति के साथ चल रहा है. सरकारें आती रही, जाती रही, सिस्टम काम करता रहा. इसका सीधा नुकसान राज्य को मिलनेवाले राजस्व को होता रहा है.
जिलावार आंकड़ों को देखें तो बोकारो में प्रतिमाह 48 करोड़, लातेहार में 38.54 करोड़, धनबाद में 28 करोड़, हजारीबाग में हजारीबाग में 30 करोड़ की अवैध वसूली का आंकड़ा सामने आया है. यही नहीं, रामगढ़ में 21 करोड़, चतरा में 15 करोड़ की अवैध वसूली हो रही थी.

इसके इतर, वसूली के विभिन्न तरीकों में शामिल पासिंग, यानी कोयला लदी वो गाड़ियां जिसका उठाव किसी दूसरे जिले में हुआ है और वो गंतव्य तक पहुंचने से पहले जिन जिलों से गुजरती है, वहां उन्हें पासिंग के नाम पर पैसे देने होते हैं. इस मद में पलामू में 10.57 करोड़, गिरिडीह में 4.80 करोड़ और चतरा में 4.48 करोड़ रुपए की वसूली की जा रही थी.
क्या है कोयले की काली कमाई का गणित
राज्य के आठ जिलों मुख्य रूप से कोयला का अवैध कारोबार या पासिंग का काम चल रहा था. लेकिन वर्तमान में इस पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है. जानकारों के मुताबिक धनबाद में प्रति ट्रक अवैध कोयला परिवहन के नाम पर प्रतिदिन 90 हजार रुपया, रामगढ़ में 70 हजार रुपया, बोकारो में 80 हजार रुपया, हजारीबाग में 80 हजार रुपया, गिरिडीह में पासिंग के नाम पर 8 हजार, चतरा में पासिंग के नाम पर 23 हजार और अवैध खनन कर परिवहन के नाम पर 35 हजार रुपया, लातेहार से पलामू से बनारस तक के लिए सिर्फ लातेहार में 45 हजार, पलामू में पासिंग के नाम पर 15 हजार, लातेहार से चतरा होते हुए बिहार बनारस भेजने के लिए पासिंग के नाम पर 23 हजार रुपए वसूले जाते थे.
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जिला प्रतिमाह अवैध वसूली
बोकारो – 48 करोड़
लातेहार – 38.54 करोड़
धनबाद – 28 करोड़
हजारीबाग – 30 करोड़
रामगढ़ – 21 करोड़
चतरा – 15 करोड़
पलामू – 10.57 करोड़ (पासिंग के नाम पर वसूली)
गिरिडीह – 4.80 करोड़ (पासिंग के नाम पर वसूली)
चतरा – 4.48 करोड़ (पासिंग के नाम पर वसूली)

साल 2026 में सीआईएसएफ की कार्रवाई का ब्यौरा
| तारीख | क्षेत्र | कार्रवाई |
|---|---|---|
| 17 अप्रैल | दोबारी कोलियरी, धनबाद | करीब 30 टन अवैध कोयला जब्त |
| 26 अप्रैल | विश्रामपुर, खलारी | 2.230 टन अवैध कोयला जब्त |
| 27 अप्रैल | बरोरा, धनबाद | अवैध कोयला लदा मिनी हाइवा जब्त; चालक फरार, FIR दर्ज |
| 23 मई | कारो-खासमहल, बेरमो | 3.230 टन अवैध कोयला और तीन मोटरसाइकिल जब्त |
| 7 जून | KD(H) न्यू कोल डंप पोस्ट, खलारी | 1.940 टन अवैध कोयला जब्त |
| 4–8 जुलाई | BCCL-ECL-CCL क्षेत्र | 428.34 टन अवैध कोयला, एक हाइवा और 13 से अधिक मोटरसाइकिल/अन्य उपकरण जब्त; चार FIR, आरोपी पकड़े गए |
| 9 जुलाई | बड़कागांव, हजारीबाग | 150.9 टन कोयला, चार ट्रक और दो मोटरसाइकिल जब्त; चार गिरफ्तार |
| 12–13 जुलाई | करकट्टा जंगल, पिपरवार, रांची | करीब 200 टन अवैध खनन का कोयला बरामद |
| 13 जुलाई | पुटकी, धनबाद | अवैध कोयला लदी चार मोटरसाइकिल और दो स्कूटर जब्त |
| 1 अगस्त | कारो माइंस, बेरमो | करीब 100 टन अवैध कोयला और 45–50 मोटरसाइकिल जब्त किए जाने की रिपोर्ट |
| 7–8 अगस्त | टोपो-कुज्जू-मगरदाहा, रामगढ़ | 866.152 टन अवैध कोयला जब्त |
| 9 अगस्त | बेरमो | अवैध कोयला ले जा रही स्कूल वैन जब्त; वाहन व कोयला पुलिस को सौंपा |
| 18 अगस्त | करगली-ढोरी, बोकारो | 4.710 टन कोयला, एक ऑटो, पांच मोटरसाइकिल और तीन स्कूटर जब्त |
| 26–27 अगस्त | बड़कागांव, हजारीबाग | ड्रोन की मदद से 256.71 टन अवैध कोयला बरामद |
| 27 अगस्त | चपरी, बड़कागांव | 113.32 टन अवैध रूप से जमा कोयला जब्त |
| 29 अगस्त | करगली, बोकारो | 25.40 टन अवैध कोयला जब्त |
| 30 अगस्त | कारो-ढोरी, बोकारो | 29.05 टन अवैध कोयला जब्त |
| 9 सितंबर | करगली, बोकारो | करीब 1.60 टन अवैध कोयला बरामद |
| 11–13 सितंबर | करगली-ढोरी, बोकारो | 6.375 टन कोयला, आठ मोटरसाइकिल और चार साइकिल जब्त |
| 15 सितंबर | अमलो-करिपानी, बोकारो | करीब 2.23 टन अवैध कोयला बरामद |
| 19 सितंबर | मगध-अम्रपाली, चतरा | CCL के मगध-अम्रपाली क्षेत्र में CISF की औपचारिक तैनाती |
| 23–24 सितंबर | फुलबसिया साइडिंग, मगध-अम्रपाली | करीब 250 टन ग्रेड-9 कोयला जब्त |
| 29 सितंबर | धनबाद | ड्रोन निगरानी में 3.1 टन कोयला और एक मोटरसाइकिल जब्त; 173 वाहनों की जांच |
| 29 सितंबर | केशरगढ़ा, बाघमारा | करीब 30 टन कोयला और डीजल जेनरेटर जब्त; दो अवैध मुहाने बंद |
| 30 सितंबर | बाघमारा, धनबाद | जमुनिया नदी के पास करीब 30 टन अवैध कोयला जब्त |
| 30 सितंबर | चारकपनिया जंगल, बोकारो | ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से कार्रवाई; कोयला और 18 मोटरसाइकिल जब्त |
| 1 अक्टूबर | वेदकरो माइंस, बोकारो | 207.17 टन ग्रेड-4 कोयला और चार मोटरसाइकिल जब्त |
| 1 अक्टूबर | फुलबसिया साइडिंग, चतरा | करीब 50 टन अवैध कोयला बरामद |
कोयला के अवैध कारोबार में टेरर फंडिग के नाम पर इस तरह से होता था पैसे का बंटवारा
साल 2019 में एनआईए की ओर से आई एक रिपोर्ट के मुताबिक चतरा में पहले 254 रुपए प्रति टन के हिसाब से उग्रवादियों के द्वारा कोयला कारोबार से जुड़े लोगों से इस रुपए का बंटवारा कुल 13 लोगों के बीच होता था.
लेबर 45 रुपया, लोडर 30 रुपया, वॉलंटियर 30 रुपया, विलेजर जिन्हें सीसीएल में नौकरी नहीं मिला 28 रुपया, टीपीसी 40 रुपया, सीसीएल 39 रुपया, स्थानीय पुलिस और पुलिस स्टेशन इंचार्ज 18 रुपया, पॉल्यूशन और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट 3 रुपया, मीडिया 2 रुपया, एरिया चार्ज के नाम पर 4 रुपया, एक्सीडेंट केस को मैनेज करने के लिए 5 रुपया, जमीन के मालिक, जिनका जमीन ट्रांसपोर्टिंग के क्षेत्र में पड़ता था 8 रुपया और अन्य खर्च के मद में 2 रुपया वसूली जाता था.
झारखंड के इन कोयला खनन इलाकों में है सीआईएसएफ की नियुक्ति
कोयला उत्पादन करनेवाली कंपनी – इलाका
| कंपनी | क्षेत्र |
|---|---|
| भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) | बरोरा क्षेत्र, ब्लॉक-2 क्षेत्र, चांच विक्टोरिया क्षेत्र, गोविंदपुर क्षेत्र, कतरा क्षेत्र, सिजुआ क्षेत्र |
| सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) | आम्रपाली–चंद्रगुप्त क्षेत्र, अरगड़ा क्षेत्र, बरका-सयाल क्षेत्र, बोकारो एवं करगली क्षेत्र, धोरी क्षेत्र, गिरिडीह क्षेत्र, हजारीबाग क्षेत्र, कुजू क्षेत्र, मगध-संघमित्रा क्षेत्र, उत्तर कर्णपुरा क्षेत्र, पिपरवार क्षेत्र, राजहरा क्षेत्र, रजरप्पा क्षेत्र |
क्रमशः
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