कोयला चोरी और अवैध कारोबार के खिलाफ सीसीएल के बीएंडके क्षेत्र (बोकारो और करगली) में गुरुवार 1 अक्टूबर को सीआईएसएफ ने बड़ी कार्रवाई की है. विशेष सूचना के आधार पर सीआईएसएफ और सीसीएल की टीम ने बोकारो के चरकपानिया गांव के पास स्थित वेदकारो माइंस इलाके में छापेमारी कर 207.17 टन ग्रेड-4 कोयला जब्त किया है. मौके से चार मोटरसाइकिलें भी बरामद की गई हैं.
कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों ने पहले इलाके की निगरानी की. ड्रोन से निगरानी के साथ क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और स्निफर डॉग्स को भी अभियान में लगाया गया. इसके बाद वेदकारो माइंस के आसपास उन जगहों पर कार्रवाई की गई, जहां अवैध तरीके से कोयला जमा किए जाने की सूचना मिली थी.
बीएंडके इलाके में पहले भी सामने आता रहा है अवैध कोयले का मामला
बेरमो का बीएंडके क्षेत्र (बोकारो और करगली) सीसीएल के अहम कोयला उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है. जोहार लाइव की पुरानी रिपोर्टों में भी इस इलाके में खदानों की सुरक्षा, कोयला उत्पादन और उससे जुड़ी समस्याओं का जिक्र सामने आता रहा है.
बोकारो जिले के दूसरे कोयला क्षेत्रों में भी अवैध कोयला भंडारण के खिलाफ कार्रवाई होती रही है. अप्रैल 2025 में बेरमो अनुमंडल के जारंगडीह और खेतको इलाके में प्रशासन ने छापेमारी कर करीब 400 टन अवैध कोयला जब्त किया था. जब्त कोयला बाद में सीसीएल को सौंपा गया था.
कोयला चोरी को लेकर झारखंड के दूसरे सीसीएल क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और कथित कोयला चोरों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आती रही हैं. दिसंबर 2023 में धनबाद के बासुदेवपुर परियोजना में कोयला चोरी के प्रयास के दौरान CISF और कथित कोयला चोरों के बीच झड़प और पत्थरबाजी हुई थी.
वेदकारो में हुई ताजा कार्रवाई को ‘जीरो कोल लीकेज’ अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है. अभियान का मकसद सीसीएल की खदानों से कोयले की चोरी और अवैध निकासी पर रोक लगाना है.


