सिमडेगा. जमीन और मकान खरीदने का सपना लेकर एक व्यक्ति ने अपनी जमा-पूंजी लगा दी. सौदा 12.50 लाख रुपये में तय हुआ. एकरारनामा हुआ, 30 हजार रुपये एडवांस दिए गए और जमीन-मकान का दखल-कब्जा भी मिल गया. इसके बाद अलग-अलग किस्तों में करीब पांच महीने के भीतर 9.60 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया. लेकिन जब जमीन की रजिस्ट्री कराने की बारी आई, तो पूरा मामला ही पलट गया.
आरोप है कि जिस जमीन और मकान के लिए अनसेलेम एक्का ने लाखों रुपये दिए थे, उसी जमीन को अल्बर्ट हेमरोम ने 15 लाख रुपये लेकर किसी दूसरी महिला नीतू बड़ाईक के नाम रजिस्ट्री करा दिया. जब अनसेलेम ने इसका विरोध किया, तो उन्हें और उनके परिवार को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई. अब इस मामले में सिमडेगा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो प्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है.
पूरा मामला
दरअसल, मामला सिमडेगा जिले के जलडेगा थाना क्षेत्र के बांसजोर ओपी अंतर्गत भुकुमुंडा गांव का है. पुलिस के अनुसार, गांव के रहने वाले अनसेलेम एक्का ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2014 में अल्बर्ट हेमरोम ने उन्हें 12 लाख 50 हजार रुपये में जमीन, मकान और घेरा बेचने का प्रस्ताव दिया था. उनकी बातों पर भरोसा कर अनसेलेम एक्का जमीन खरीदने के लिए तैयार हो गए.
इसके बाद 16 मई 2024 को दोनों के बीच एकरारनामा हुआ. इस दौरान अल्बर्ट हेमरोम को 30 हजार रुपये अग्रिम दिए गए. साथ ही जमीन, मकान और घेरा का दखल-कब्जा भी अनसेलेम एक्का को सौंप दिया गया. अनसेलेम के अनुसार, 16 मई 2024 से 23 अक्टूबर 2024 के बीच उन्होंने अलग-अलग तारीखों पर कुल 9 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान किया.
आरोप है कि लाखों रुपये लेने के बाद भी अल्बर्ट हेमरोम ने जमीन और मकान की रजिस्ट्री अनसेलेम एक्का के नाम नहीं कराई. इसके बजाय उसी जमीन को 15 लाख रुपये लेकर नीतू बड़ाईक के नाम पर निबंधित करा दिया गया. जब अनसेलेम एक्का ने इस पर आपत्ति जताई और अपने पैसे तथा जमीन को लेकर सवाल उठाए, तो उनके और परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया. साथ ही जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है.
पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत के लिए भेजा
इस मामले में न्यायालय में दायर परिवाद पत्र संख्या 226/2026 के आधार पर पुलिस ने 3 अक्टूबर 2026 को जलडेगा (बांसजोर ओपी) थाना कांड संख्या 58/24 दर्ज किया. मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिमडेगा के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त 70 वर्षीय अल्बर्ट हेमरोम और 48 वर्षीय विजय बाघवार को गिरफ्तार कर लिया. दोनों को 31 अक्टूबर को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है.
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