जिस सवाल को विपक्ष संसद में उठाना चाहता था, उसे आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आंगन में उठाया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन का सांकेतिक “जन महाभियोग” 10 राजाजी मार्ग पर चल रहा है. पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार कार्यवाही की अध्यक्षता कर रही हैं, खरगे ने प्रस्ताव पेश किया और राहुल गांधी को समापन भाषण देना है.
विपक्ष SIR और कथित “वोट चोरी” को लेकर CEC के इस्तीफे की माँग कर रहा है. कल रामलीला मैदान में इसी मुद्दे पर बड़ी रैली होनी है.
कार्यक्रम खरगे के घर पर क्यों हो रहा है?
यह जगह विपक्ष की पहली पसंद नहीं थी. कांग्रेस का दावा है कि उसने पहले होटल अशोक और रामलीला मैदान में आयोजन की कोशिश की, लेकिन रुकावटें आईं. कांग्रेस के मुताबिक पुलिस की आपत्ति के कारण ऐसा हुआ और होटल अशोक ने अपनी मंज़ूरी वापस ले ली. दिल्ली पुलिस का कहना है कि 1 नवंबर की रैली पर कानून-व्यवस्था के लिहाज़ से उसे कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते शर्तें मानी जाएँ.
जयराम रमेश ने 28 अक्टूबर को एक्स पर ऐलान किया कि दूसरी जगहें न मिलने पर “जन महाभियोग” खड़गे के आवास पर होगा. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि दिल्ली पुलिस को राजनीतिक औज़ार बनाया जा रहा है. कार्यक्रम 30 अक्टूबर को होना था, पर बारिश के कारण एक दिन टला. राहुल गांधी के मुताबिक आम सहमति से यह फैसला इसलिए हुआ कि वरिष्ठ नेताओं को बारिश में न बैठना पड़े.
विपक्ष इसे “मॉक पार्लियामेंट” कहने से बच रहा है. पवन खेड़ा ने साफ कहा कि यह मॉक संसद नहीं, ज्ञानेश कुमार का सार्वजनिक महाभियोग है, और सिविल सोसाइटी भी इससे जुड़ने को उत्सुक है.
मीरा कुमार (पूर्व लोकसभा अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी): अध्यक्षता करते हुए मीरा कुमार ने कहा कि योग्य मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से सूची से हटाए जा रहे हैं और सवाल पूछने पर पारदर्शिता नहीं मिलती. इसी कारण, उनके अनुसार, ज्ञानेश कुमार को हटाने का महाभियोग प्रस्ताव लाया गया है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लोकतंत्र समानता पर टिका है और एक भी योग्य नागरिक का वोट छीनना लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुँचाना है.
मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस अध्यक्ष, प्रस्ताव पेश करते हुए):
खड़गे ने आरोप लगाया कि CEC प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीधे निर्देश पर आयोग चला रहे हैं. उन्होंने याद दिलाया कि सात महीने पहले 193 विपक्षी सांसदों ने संसद में CEC को हटाने का नोटिस दिया था, जिसे खारिज कर दिया गया और कोई संज्ञान नहीं लिया गया. खरगे ने कहा कि उनका CEC से कोई निजी बैर नहीं है, वे चाहते हैं कि आयोग संविधान की भावना के अनुसार निष्पक्ष काम करे. उन्होंने कहा कि कमज़ोर वर्गों, महिलाओं और युवाओं के वोट किसी के कंप्यूटर से चुपके से न हटाए जाएँ. उनका आरोप था कि SIR रातों-रात लागू किया गया, ताकि भाजपा विरोधियों के वोट हटाए जा सकें.
सरकार पर बड़ा हमला करते हुए खड़गे ने कहा कि 2014 से सत्ता बचाने के लिए सांसदों की “चोरी”, पार्टियाँ तोड़ना, सरकारें गिराना, चुनावी बॉन्ड, ED-CBI और अब “वोट चोरी” का सहारा लिया जा रहा है. उन्होंने 2023 के CEC नियुक्ति कानून को शर्मनाक बताया, जो उनके मुताबिक 145 सांसदों को निलंबित करके पास कराया गया.
खरगे के छह आरोप:
- चुनाव चोरी की साजिश में शामिल होना.
- 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाना.
- संसद की मंज़ूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव.
- ECINET के ज़रिए मतदाता सूची पर कब्ज़ा.
- बाकी दो चुनाव आयुक्तों को फैसले की प्रक्रिया से बाहर रखना.
- संविधान और कानून का उल्लंघन.
अनीता जयसवाल (सूची से नाम कटने का दावा करने वाली मतदाता): NCR की सिंगल मदर अनीता जयसवाल ने मंच से कहा, “उन्होंने हमारा वोट देने का अधिकार चुराने की हिम्मत कैसे की.” उनका कहना है कि 2012 में बना उनका वोटर कार्ड रद्द कर दिया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि कार्ड कैंसिल करने का अधिकार किसे है, जबकि कार्ड बनवाने के लिए बार-बार लाइन में लगना पड़ता है. अनीता ने बताया कि उन्होंने फॉर्म-6 भरने से इनकार कर दिया.
शशि थरूर (कांग्रेस) ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने खुद को चुनाव का निष्पक्ष अंपायर बने रहने के अयोग्य साबित कर दिया है. उन्होंने बताया कि महाभियोग के नोटिस को न लोकसभा अध्यक्ष ने स्वीकार किया, न राज्यसभा सभापति ने, इसलिए सार्वजनिक महाभियोग के सिवा विकल्प नहीं बचा.
अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस) ने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान और चुनाव आयोग किसी की निजी जागीर नहीं हैं.
जॉन ब्रिटास (CPI-M) ने कार्यक्रम से पहले कहा था कि यह मज़ाक वाला मॉक नहीं, पीठासीन अधिकारी के साथ बाक़ायदा प्रक्रिया होगी और SIR पीड़ित गवाही देंगे. उन्होंने दिल्ली में भारी सुरक्षा और आवाजाही पर पाबंदियों को “मार्शल लॉ जैसा” बताया.
डेरेक ओ’ब्रायन (TMC): उनके अनुसार सभी दल इस लड़ाई में साथ हैं, और यह राजनीतिक दलों के साथ आम लोगों की भी लड़ाई है. उनका संदेश था कि “हम मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे.”
जयराम रमेश (कांग्रेस) ने इस हफ़्ते कहा कि CEC ने संविधान की भावना का उल्लंघन किया है और चुनावी लोकतंत्र की बुनियाद कमज़ोर की है. उन्होंने उन पर सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोलने का आरोप भी लगाया.
राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष)– कार्यक्रम से पहले राहुल ने कहा कि यह आयोजन और अगले दिन का मार्च नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार व उनकी टीम की ओर से भारतीय लोकतंत्र को ध्वस्त किए जाने के खिलाफ हैं. उन्होंने गृह मंत्री पर लोगों को दिल्ली आने से रोकने की कोशिश का आरोप भी लगाया.
TMC, समाजवादी पार्टी, वाम दलों समेत कई दलों के नेता मंच से “वोट चोरी” और SIR की आलोचना कर रहे हैं.
यह मंच किसी एक पार्टी का नहीं है. तैयारी बैठकों में कांग्रेस के प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश, पवन खेड़ा और गौरव गोगोई, TMC के डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा, CPI-M के जॉन ब्रिटास, JMM की महुआ माजी, RJD के अभय सिन्हा और समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक शामिल हुए. करीब 20-21 दलों के प्रतिनिधि जुटे और हर दल से एक वक्ता को बोलना था. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पत्नी व विधायक कल्पना सोरेन के साथ दिल्ली पहुँच चुके हैं.
एकजुटता के बीच यह भी सच है कि AAP और DMK जैसे दल गठबंधन से बाहर हो चुके हैं, और विपक्ष खुद मानता रहा है कि संसद में CEC को हटाने के लिए उसके पास ज़रूरी संख्या नहीं है.
कल रामलीला मैदान में महारैली
रविवार, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली है, जिसे विपक्ष “वोट बचाओ, देश बचाओ” अभियान का हिस्सा बता रहा है. दिल्ली पुलिस ने सशर्त अनुमति दी है और रैली सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चलेगी. शर्तों में रात में ठहरने पर रोक, मैदान के बाहर मार्च पर पाबंदी और भड़काऊ भाषणों की मनाही शामिल है. रामलीला मैदान उन तीन स्थलों में है जिन्हें केंद्र ने प्रदर्शन के लिए अधिसूचित किया है; जंतर-मंतर हाल में सूची से हटाया गया.
भीड़ के दावे अलग-अलग हैं: कुछ रिपोर्ट्स में पाँच लाख, कुछ में दस लाख का लक्ष्य बताया गया है. राहुल गांधी ने राजनीतिक दलों, सिविल सोसाइटी, पत्रकारों और आम नागरिकों को खुला न्योता दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ममता बनर्जी, लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है.
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