रांची/धनबाद। धनबाद रिंग रोड निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान जाली दस्तावेजों के आधार पर 6.32 करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी मुआवजा लेने के आरोप में 85 वर्षीय नरसिंह दास को गिरफ्तार किया गया है. निगरानी थाना की टीम ने आरोपी को 5 नवंबर को गिरफ्तार किया. आरोपी बिहार के अरवल जिले का रहने वाला है.
निगरानी थाना कांड संख्या 32/2016 के तहत दर्ज प्राथमिकी में नरसिंह दास को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. आरोप है कि उसने धनबाद जिला भू-अर्जन कार्यालय में जाली और नकली दस्तावेज प्रस्तुत कर सरकारी राजस्व का गबन किया.
जाली दस्तावेज के आधार पर लिया 6.32 करोड़ का मुआवजा
पुलिस के अनुसार, नरसिंह दास ने धनबाद मौजा संख्या 51 के खाता संख्या 121 और प्लॉट संख्या 1630 की जमीन पर अपना दावा करते हुए दलील संख्या 25560, दिनांक 21 अक्टूबर 1970 के आधार पर 6.32 करोड़ रुपये (6,32,13,585.99 रुपये) का मुआवजा प्राप्त किया था.
जिला अवर निबंधक, धनबाद के कार्यालय से मिले दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि संबंधित दलील हराधन महतो एवं अन्य के नाम पर बांग्ला लिपि में निबंधित थी. जबकि आरोप है कि नरसिंह दास ने इसी दस्तावेज को अंग्रेजी में जालसाजी (फर्जी) तरीके से तैयार कराया था.
2016 में दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में 21 अप्रैल 2016 को निगरानी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश, सरकारी धन के गबन और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है. गिरफ्तारी के बाद नरसिंह दास को न्यायिक हिरासत में भेजा गया.
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