गुमला. गुमला पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी उर्फ मोटा उर्फ सुकरा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से एक देशी पिस्टल, एक देशी बंदूक, एक देशी कट्टा, दो मैगजीन, सात कारतूस, एक खोखा, चार मोबाइल फोन और संगठन के छह प्रतिबंधित पर्चे बरामद किए हैं.
पुलिस के मुताबिक, 22 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली थी कि विश्राम कोंगाड़ी अपने दस्ते के सदस्यों के साथ कामडारा थाना क्षेत्र के बोंगदा गांव के आसपास किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है. सूचना के आधार पर बसिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिव शंकर मरांडी के नेतृत्व में छापेमारी दल गठित किया गया. टीम ने अभियान चलाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
“फिर से नक्सल विरोधी अभियान में सफलता मिली है. हमलोगों को सुचना मिली की कामडारा क्षेत्र के गोंडा इलाके में FLFI का जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी अपने दस्ते के साथ गमनशील है और वो किसी घटना को अंजाम देने का प्रयास कर रहा है. उसी सुचना के सत्यापन के लिए एक टीम बनाई गई थी. विभिन्न थानों के थाना प्रभारी जैसे की कामडारा, बसिया और अन्य जगह के इसमें शीमिल थे.”
– हारिस बिन जामा, गुमला एसपी
गिरफ्तार आरोपियों में PLFI जोनल कमांड विश्राम कोंगाड़ी (28) और सदस्य अमर सुरीन (34), एतवा कोंगाड़ी उर्फ एतवा मास्टर (38) और अर्पित तोपनो उर्फ बेंदा (22) शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का गुमला, सिमडेगा और खूंटी समेत अन्य जिलों में आपराधिक इतिहास रहा है.
छापेमारी दल में बसिया, कामडारा और कुरकुरा थानों के पुलिस पदाधिकारियों के साथ सशस्त्र बल और गुमला की नक्सल क्विक रिस्पॉन्स टीम शामिल थी. पुलिस ने कहा कि PLFI की गतिविधियों, लेवी वसूली और धमकी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा.

