Ranchi : झारखंड विधानसभा में बजट सत्र का आज छठा दिन है और सदन में देवघर शहर के जल संकट को लेकर चर्चा हुई। विधायक सुरेश पासवान ने सवाल उठाया कि देवघर में पानी की समस्या गंभीर है और शहरवासियों तक समय पर पानी पहुँचाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि 79 जलाशय (पुनासी परियोजना) से पानी देने की योजना बहुत धीमी रफ्तार से चल रही है।
योजना पूरी करने का लक्ष्य 2026
सदन में चर्चा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि विभाग ने इस जलापूर्ति योजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2026 तक तय किया है। हालांकि, अब साल पूरा होने में केवल 10 महीने बचे हैं। विधायक सुरेश पासवान ने सवाल उठाया कि इस रफ्तार से काम चलता रहा तो शहरवासियों को पानी पहुँचने में कम से कम पाँच साल और लग सकते हैं।
देवघर की धार्मिक पहचान और पानी की जरूरत
सुरेश पासवान ने कहा कि देवघर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में पानी की समस्या अत्यंत गंभीर है। उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान कार्यशैली से योजना समय पर धरातल पर नहीं उतर पाएगी।
सरकार ने की उच्च स्तरीय बैठक का आश्वासन
सरकार ने आश्वासन दिया कि उच्च स्तरीय बैठक कर वन विभाग से जल्द सहमति ली जाएगी ताकि पाइपलाइन बिछाने का काम निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।
मंत्री ने किया काम की स्थिति स्पष्ट
विभागीय मंत्री ने सदन में बताया कि योजना को लेकर सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि स्टेज-1 क्लीयरेंस के लिए डीएफओ के साथ बैठक हो चुकी है। आवश्यक अनुमति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और वन विभाग से औपचारिक सहमति मिलते ही काम में तेजी लाई जाएगी। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि अनुमति मिलने के बाद भी काम में देरी या लापरवाही होती है, तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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