JLKM विधायक जयराम महतो की ओर से झारखंड पुलिस एसोसिएशन पर लगाए गए आरोपों के बाद एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाबी कार्रवाई कि है. प्रदेश अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि जयराम महतो ने जो वीडियो जारी किया है, उसी में उनके व्यवहार और दिए गए बयानों को लेकर पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाती है.
राहुल मुर्मू ने बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/2026 का जिक्र करते हुए कहा कि मामले में पुलिस एसोसिएशन ने धनबाद एसपी को पत्र भेजा है. एसोसिएशन ने जयराम महतो समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जरूरी प्रक्रिया पांच दिनों के भीतर पूरी करने की मांग की है. कार्रवाई नहीं होने पर राज्यभर के पुलिसकर्मियों के साथ आंदोलन की चेतावनी दी गई है. उन्होंने कहा कि पत्र की प्रतियां राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और डीजीपी को भी भेजी जा रही हैं. इससे मामले में हुई कार्रवाई की जानकारी सभी स्तरों पर रहेगी.
रिकॉर्डिंग को लेकर भी दिया जवाब
जयराम महतो की ओर से निजता और संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला दिए जाने पर राहुल मुर्मू ने कहा कि अनुच्छेद 21 जीवन और गरिमा के अधिकार से जुड़ा है. अगर थाना प्रभारी को फोन पर कथित तौर पर अपशब्द कहे गए और उन्होंने अपनी सुरक्षा या बचाव के लिए बातचीत रिकॉर्ड की, तो इसे निजता का उल्लंघन कैसे कहा जा सकता है.
उन्होंने कहा कि जब किसी पुलिस अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप हो, तो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद निजता के अधिकार की बात करना उचित नहीं है. राहुल मुर्मू ने पुलिस एसोसिएशन पर नस्लीय भेदभाव और चुनिंदा पुलिसकर्मियों का पक्ष लेने के आरोपों को भी खारिज किया. उन्होंने कहा कि हजारीबाग, महेश मुंडा और बौखालो से जुड़े मामलों में भी एसोसिएशन ने पुलिसकर्मियों के हित में आवाज उठाई है.
‘हर बात पूरे संदर्भ में कहें’
राहुल मुर्मू ने जयराम महतो पर मुद्दों को अपनी सुविधा के अनुसार उठाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब विधायक अधिकारियों को फोन करते हैं और उनकी बातचीत के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते हैं, तब निजता के अधिकार की बात क्यों नहीं की जाती.
उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर चुनिंदा बातें करने के बजाय पूरा संदर्भ सामने रखा जाना चाहिए. राहुल मुर्मू ने जयराम महतो से गलत आरोप लगाने से बचने की अपील भी की. बालू विवाद को लेकर भी उन्होंने विधायक पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि NGT के आदेशों के तहत बरसात के दौरान बालू खनन और नदी से जुड़े कई कार्यों पर प्रतिबंध रहता है. ऐसे में लोगों को अवैध गतिविधियों के लिए उकसाना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. साथ ही उन्होंने कहा कि किसी आरोप को बार-बार दोहराने से वह सच साबित नहीं हो जाता.
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