JoharLive : ईरान इस समय सच में दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ अमेरिका और इजरायल के साथ तनातनी और लगातार बढ़ते हमले हैं, तो दूसरी तरफ कुदरत ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को ईरान के दक्षिणी हिस्से में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों के मन में डर और बढ़ गया।
दक्षिणी ईरान में भूकंप, गेराश के पास तेज झटके
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, यह भूकंप दक्षिणी ईरान के गेराश शहर के पास आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई और भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। अधिकारियों का कहना है कि अब तक किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की खबर नहीं है। लेकिन जंग के तनाव के बीच आए ये झटके लोगों के लिए और डर पैदा कर गए।
अमेरिका तैयार लंबी लड़ाई के लिए
सियासी मोर्चे पर भी हालात तनावपूर्ण हैं। अमेरिका ने साफ इशारा दिया है कि ईरान के खिलाफ उनकी लड़ाई लंबी खिंच सकती है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास ईरान पर सैन्य अभियान को 4 से 5 हफ्तों से ज्यादा समय तक चलाने की ताकत है।
ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने दिया जवाब
ईरान और उसके सहयोगी देशों ने अमेरिकी और इजरायली हमलों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने इस्राइल, पड़ोसी खाड़ी देशों और दुनिया के लिए अहम तेल-गैस सप्लाई केंद्रों पर हमले किए हैं। इन हमलों की वजह से पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और लंबी जंग की आशंका बढ़ गई है। हवाई यात्रा पर भी असर पड़ा है और कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
नेतन्याहू का बचाव, परमाणु खतरे का हवाला
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल के हमलों का बचाव किया है। उनका कहना है कि ईरान नई परमाणु सुविधाएं बना रहा था और इनके बन जाने के बाद उसके मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम पर हमला करना मुश्किल हो जाता। हालांकि, नेतन्याहू ने अपने दावे को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं दिखाया।
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