New Delhi : ईरान ने अपने न्यूक्लियर फैसिलिटी पर अमेरिका और इजरायल के हमले का बड़ा दावा किया है। IAEA में ईरान के राजदूत रेजा नजाफी ने बताया कि अमेरिका और इजरायल ने नतान्ज स्थित ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया। उनके अनुसार यह नौ महीने के भीतर दूसरा हमला है और इसे गैर-कानूनी, क्रिमिनल और बेरहम कार्रवाई बताया गया।
अमेरिकी झूठ और धोखे पर खुलासा
रेजा नजाफी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के झूठ और गलत जानकारी का इस्तेमाल हमेशा से दूसरे देशों पर हमला करने के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ईरान के सुप्रीम लीडर को मार दिया गया, जो मुस्लिम स्कॉलर थे और न्यूक्लियर हथियारों पर रोक लगाते थे। नजाफी ने कहा, “US प्रेसिडेंट शांति की बात करते हैं, लेकिन ये सिर्फ दिखावा और धोखा है।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और इजरायल ने पहले भी अन्य देशों पर झूठ और गलत सूचनाओं के आधार पर हमला किया है और यह वही तरीका है जिसका इस्तेमाल वे आज भी कर रहे हैं।
IAEA में इमरजेंसी मीटिंग
इस बीच वियना में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने इमरजेंसी मीटिंग शुरू की। इस मीटिंग में US और इजरायली हमलों पर चर्चा की गई। मीटिंग का अनुरोध रूस ने किया था। IAEA बोर्ड की मीटिंग पहले से तय तिमाही मीटिंग से एक घंटा पहले शुरू की गई।
न्यूक्लियर प्लांट पर हमले का संकेत नहीं
डिप्लोमैट्स ने कहा कि शनिवार के हमलों में अभी तक किसी ईरानी न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला होने के संकेत नहीं हैं। IAEA के चीफ राफेल मारियानो ग्रॉसी ने चेताया कि रेडिएशन का स्तर अभी तक सामान्य है, लेकिन स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संभावित रेडियोलॉजिकल रिलीज़ के गंभीर नतीजे हो सकते हैं, जिसमें बड़े शहरों या बड़े इलाकों को खाली करना शामिल हो सकता है।
संयम और डिप्लोमेसी की अपील
ग्रॉसी ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बातचीत और डिप्लोमेसी के रास्ते पर लौटना ही इस स्थिति का समाधान है। उन्होंने बताया कि ईरानी न्यूक्लियर रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ से संपर्क करने की कोशिश जारी है और उम्मीद है कि बातचीत का यह चैनल जल्द शुरू हो जाएगा।
Also Read : अली रजा अराफी बने ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर, जानें उनके बारे में


