Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»बिना किसी विरोध के कैसे तय हुआ रातु गढ़ के विरासत का वारिस, कोर्ट ने किसे सौंपी चाबी?
    जोहार ब्रेकिंग

    बिना किसी विरोध के कैसे तय हुआ रातु गढ़ के विरासत का वारिस, कोर्ट ने किसे सौंपी चाबी?

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkJuly 1, 2026No Comments4 Mins Read10
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    महाराजा
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    छोटा नागपुर के पठार पर स्थित रातु गढ़ की दीवारें सिर्फ पत्थरों का ढांचा नहीं हैं, बल्कि ये सदियों पुराने उस नागवंशी राजवंश की गवाह हैं जिसने झारखंड की संस्कृति और इतिहास को गढ़ा है. पुंडरीक नाग के वंशज कहे जाने वाले नागवंशी राजाओं की इस धरती पर अपनी एक अलग ही आन-बान और शान रही है. इसी गौरवशाली परंपरा की एक अहम और बेहद सम्मानित कड़ी थे महाराजा चिंतामणि शरण नाथ शाहदेव. साल 2014 में उनके निधन के बाद रातु राजपरिवार के भविष्य और उनकी संपत्ति को लेकर अक्सर कयास लगाए जाते रहे हैं. अब रांची की एक अदालत के ऐतिहासिक फैसले ने इस राजघराने की विरासत में एक नया अध्याय जोड़ दिया है.

    64वीं पीढ़ी के महाराजा की विरासत

    इतिहास के झरोखे से देखें तो नागवंशी राजवंश की शुरुआत फणि मुकुट राय से हुई थी. महाराजा चिंतामणि शरण नाथ शाहदेव इस महान वंश की 64वीं पीढ़ी के महाराजा थे. वे रांची विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक भी रहे और इलाके की जनता के बीच बेहद लोकप्रिय थे. 10 जुलाई 2014 को जब उनका निधन हुआ, तो छोटा नागपुर ने अपने अंतिम महाराजा को खो दिया. महाराजा अपने पीछे कोई लिखित वसीयत नहीं छोड़ गए थे, इस चलते उनकी कुछ चल संपत्तियों के कानूनी मालिकाना हक तय किया जाना बाकी था.

    रांची के न्यायिक आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा नंबर-1 की अदालत में इसी को लेकर भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के तहत एक मामला (सक्सेशन केस संख्या 16/2024) चल रहा था. मामला महाराजा की उस रकम और प्रतिभूतियों से जुड़ा था, जो उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया की रातु चट्टी शाखा और केनरा बैंक की कामरे शाखा के खातों में जमा कर रखी थी. विभिन्न सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट, मंथली इनकम प्लान्स और फिक्स्ड डिपॉजिट को मिलाकर यह कुल रकम 62 लाख 4 हजार 138 रुपये और 24 पैसे थी.

    अदालत में दिखा राजशाही का बड़प्पन

    इस मामले का सबसे दिलचस्प पहलू तब सामने आया, जब महाराजा की बहू प्रियदर्शिनी शाहदेव ने इस राशि पर अपना दावा पेश किया. प्रियदर्शिनी शाहदेव फिलहाल प्रयागराज में रहती हैं. कानून के मुताबिक, अदालत ने महाराजा के अन्य सभी कानूनी वारिसों को प्रतिवादी बनाया और उनसे जवाब मांगा. इन वारिसों में राजपरिवार के सदस्य माधुरी मंजरी देवी, कल्पना सिंह, मध्वेंद्र सिंह, कौशलेन्द्र सिंह, प्रियंका सिंह और नाबालिग अभिरित देव सिंह शामिल थे.

    अदालत को अंदेशा रहा होगा कि शायद इस बड़ी रकम पर कोई विवाद खड़ा हो, लेकिन रातु राजपरिवार ने अपनी परंपरा के अनुरूप बड़प्पन दिखाया. सभी कानूनी वारिसों ने अदालत में हाजिर होकर लिखित रूप में अपनी ‘अनापत्ति’ यानी नो ऑब्जेक्शन सौंप दी। उन्होंने एक सुर में कहा कि यदि यह उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्रियदर्शिनी शाहदेव के पक्ष में जारी किया जाता है, तो परिवार के किसी भी सदस्य को कोई एतराज नहीं है. इतना ही नहीं, रातु के ग्रामीणों या आम जनता की तरफ से भी इस दावे के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठी.

    प्रियदर्शिनी के लिए कानूनी सुरक्षा कवच

    सभी गवाहों के बयानों, मृत्यु प्रमाण पत्र और बैंक स्टेटमेंट की गहन जांच के बाद अदालत ने माना कि महाराजा की पुत्रवधू का दावा पूरी तरह से वैध है। अदालत ने कार्यालय को तुरंत उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया और बैंकों को आदेश दिया कि वे यह पूरी राशि ब्याज सहित प्रियदर्शिनी शाहदेव को सौंप दें। हालांकि, कानूनी औपचारिकताओं को मुकम्मल करने के लिए अदालत ने प्रियदर्शिनी शाहदेव को एक क्षतिपूर्ति बॉन्ड और सुरक्षा बॉन्ड जमा करने का भी निर्देश दिया है। यह एक कानूनी सुरक्षा कवच है, ताकि भविष्य में अगर कोई अन्य व्यक्ति इस संपत्ति पर अपना दावा पेश करे, तो कानूनी जवाबदेही तय रहे।

    Also Read : एक बार फिर; जिसका नहीं मिला लाइसेंस, उस कंपनी का भी बना रहे थे शराब, आरजेडी के पूर्व एमएलसी का कारनामा

    and to whom did the court hand over the keys? How was the heir to the Ratu Garh legacy decided without any opposition कोर्ट ने किसे सौंपी चाबी? बिना किसी विरोध के कैसे तय हुआ रातु गढ़ के विरासत का वारिस
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleज़ूडियो-वेस्टसाइड के आर्किटेक्ट नोएल टाटा, अब वोल्टास को कहेंगे अलविदा
    Next Article हिमांशु सिंह ह’त्याकांड पर बवाल, भाजपा का जमशेदपुर बंद का ऐलान

    Related Posts

    झारखंड

    राहुल गांधी की चिट्ठी पर बाबूलाल मरांडी का सवाल, कहा -‘अपना पक्ष स्पष्ट क्यों नहीं करते?’

    August 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड : JSSC के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से CID कर रही है पूछताछ

    August 17, 2026
    क्राइम

    97 करोड़ की बिजली राशि घोटाले में कोर्ट का बड़ा आदेश, JUUNL को वापस मिलेंगे 13.53 करोड़ रुपये

    August 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    ‘छात्रों से मिलिए, उनकी मांगों का समाधान कीजिए’ , छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी की हेमंत सोरेन को चिट्ठी

    August 17, 2026
    क्राइम

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिवः जेएसएससी-पीजीटीई के लिए इन परीक्षा केंद्रों पर हुआ था सिस्टम हैक, पहले से तय थे अभ्यर्थियों के कपड़ों का रंग

    August 17, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    पश्चिम बंगाल: तारापीठ के होटल में भीषण आग, 5 से अधिक तीर्थयात्रियों की मौत; कई गंभीर

    August 17, 2026
    Latest Posts

    31 साल का किला ढहा! प्रशांत किशोर ने ली विधायक पद की शपथ

    August 17, 2026

    राहुल गांधी की चिट्ठी पर बाबूलाल मरांडी का सवाल, कहा -‘अपना पक्ष स्पष्ट क्यों नहीं करते?’

    August 17, 2026

    झारखंड : JSSC के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से CID कर रही है पूछताछ

    August 17, 2026

    97 करोड़ की बिजली राशि घोटाले में कोर्ट का बड़ा आदेश, JUUNL को वापस मिलेंगे 13.53 करोड़ रुपये

    August 17, 2026

    ‘छात्रों से मिलिए, उनकी मांगों का समाधान कीजिए’ , छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी की हेमंत सोरेन को चिट्ठी

    August 17, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.