किसलय शानू
बिहार के पूर्व एमएलसी सुबोध राय मंगलवार 30 जून की रात झारखंड में अचानक चर्चित होने लगे. दरअसल राजधानी रांची के ओरमाझी इलाके में उनकी कंपनी तरंगिनी बॉटलर्स में शराब बनाने का काम चल रहा था. कंपनी को 8 पीएम और व्हाइट मिशचीफ नाम की शराब बनाने का लाइसेंस मिला हुआ था. लेकिन इसकी आड़ में वो उन शराब और बीयर कंपनियों के भी उत्पाद बना रहे थे, जिसका उन्हें लाइसेंस मिला ही नहीं था. ऐसे में गुप्त सूचना के आधार पर रांची पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित दो कंपनी की शराब और एक कंपनी की बियर को जब्त किया है.
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सुबोध राय की कंपनी बिना लाइसेंस के यूपी की शराब कंपनी (ब्रांड) आफ्टर डार्क और रॉयल्सन गोल्ड नामक शराब भी बना रही थी. इसके अलावा किंगफिशर कंपनी के बियर का भी उत्पादन किया जा रहा था. रांची पुलिस की छापेमारी के दौरान कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. उत्पाद विभाग की टीम ने तरंगनी बॉटलर्स कंपनी को सील कर दिया है. जब्त शराब और बियर को उत्पाद विभाग की टीम अपने कब्जे में रखा है.
यह कोई पहली बार नहीं है, जब सुबोध राय की कंपनी पर झारखंड पुलिस ने छापेमारी की है. इससे पहले 19 मार्च 2023 को भी छापेमारी हुई थी, जिसमें एक 407 ट्रक व कार में लदे 108 पेटी एसी ब्लैक शराब तथा एक कंटेनर में भरे खाली बोतल व शराब बनाने की सामग्री जब्त की गई थी. उस वक्त भी कंपनी को सील कर लाइसेंस रद्द करने के लिए पत्राचार किया गया था. यह कार्रवाई तत्कालीन सहायक आयुक्त उत्पाद रामलीला रवाणी के नेतृत्व में हुई थी. इस मामले में उत्पाद विभाग के अलावा रांची पुलिस ने भी प्राथमिकी दर्ज किया था. इसके बावजूद दोनों विभाग की टीम ने लीपापोती कर मामले को दबा दिया और दोबारा से तरंगनी बॉटलर्स कंपनी का काम शुरु हो गया.
कौन हैं सुबोध राय
मुजफ्फरपुर जिले के रहनेवाले सुबोध राय राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व एमएलसी और पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के करीबी नेता माने जाते हैं. पिछले कुछ वर्षों में वह कई विवादों और बड़ी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं. अगस्त 2022 में बिहार के सियासी घटनाक्रम के दौरान सीबीआई की एक टीम ने पटना स्थित उनके आवास पर छापेमारी की थी. इसी साल वह बिहार के वैशाली से विधान परिषद (MLC) का चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें एनडीए प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था. हार के बाद उन्होंने अपनी ही पार्टी के विधायक पर भितरघात (धोखाधड़ी) का आरोप लगाया था. सुबोध राय तरंगिनी लिकर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अलावा गेरौल कोल्ड स्टोरेज के भी निदेशक हैं.
रांची जिला में कब-कब पकड़ाया है प्रतिबंधित शराब
9 मई 2026 : उत्पाद विभाग की टीम ने रांची जिले के नगड़ी और रातू थाना क्षेत्र में छापेमारी कर हजारों पेटी प्रतिबंधित विदेशी शराब का जखीरा बरामद किया था. विभा की टीम द्वारा जब्त सभी नकली शराब पर लंदन का नाम लिखा हुआ था. इस मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने सभी अंग्रेजी शराब को जब्त किया था.
20 फरवरी 2026 : निकाय चुनाव से पूर्व उत्पाद विभाग ने मांडर में छापेमारी कर बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित शराब को जब्त किया था. इस दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने अवैध मिनी शराब की फैक्ट्ररी से भारी मात्रा में शराब और बॉटलिंग में इस्तेमाल होने वाले सामान को जब्त किया है.
23 अगस्त 2025 : रांची जिले के अनगड़ा पुलिस ने राजाडेरा में छापेमारी कर प्रतिबंधित अंग्रेजी शराब फैक्ट्ररी का भंडाफोड़ किया था. इस दौरान पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. इस दौरान पुलिस ने नकली शराब, स्प्रिब्, ड्रम, खाली बोतल और शराब बनाने का सामान जब्त किया था.
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