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    Home»जोहार ब्रेकिंग»हर जिले में ICU की व्यवस्था करना सरकार का लक्ष्य : अजय कुमार सिंह
    जोहार ब्रेकिंग

    हर जिले में ICU की व्यवस्था करना सरकार का लक्ष्य : अजय कुमार सिंह

    Muskan ChoudharyBy Muskan ChoudharySeptember 12, 2026No Comments4 Mins Read5
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    “झारखंड के सुदूरवर्ती और आदिवासी बहुल गांवों तक गंभीर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. राज्य के प्रत्येक जिले में आईसीयू की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेली-मेडिसिन और आधुनिक तकनीक के उपयोग से गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.” यह बातें स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने शुक्रवार को रांची में आयोजित 14वें ईस्ट जोन क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में कहीं.

    रांची क्रिटिकल केयर सोसाइटी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक सेलिब्रेशंस, करमटोली में आयोजित किया जा रहा है. इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय ‘इंटीग्रेटेड क्रिटिकल केयर : ब्रिजिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड कंपैशन’ रखा गया है. सम्मेलन में देशभर से क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, चिकित्सक, इंटेंसिविस्ट और एनेस्थिसियोलॉजिस्ट भाग ले रहे हैं.

    अपर मुख्य सचिव ने कहा कि क्रिटिकल केयर का उद्देश्य विज्ञान, तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है. कोविड-19 महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने क्रिटिकल केयर के महत्व को समझा. उस समय वेंटिलेटर, मॉनिटर और आईसीयू बेड की कमी के कारण बड़े शहरों में भी मरीजों को समय पर इलाज मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था. गंभीर बीमारियों में समय पर जांच और उपचार मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

    श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में बड़ी जनजातीय आबादी निवास करती है. राज्य के कई गांव दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां एंबुलेंस और अन्य वाहनों का पहुंचना भी कठिन होता है. ऐसे में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना और विशेषज्ञ चिकित्सा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है.

    उन्होंने राज्य में आईसीयू सुविधाओं की सीमित उपलब्धता, डॉक्टरों और अस्पतालों में बेड की कमी तथा गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले अधिक खर्च को प्रमुख चुनौतियों के रूप में रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गंभीर बीमारी की स्थिति में किसी भी मरीज को इलाज के अभाव में परेशानी न हो.

    अपर मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में 10 बेड की टेली-आईसीयू सुविधा के माध्यम से जिला स्तर पर गंभीर मरीजों के उपचार में सहायता दी जा रही है. आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग भी स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ाया जाएगा. AI आधारित प्रणाली मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न मापदंडों की निगरानी में मदद करेगी, जबकि उपचार से संबंधित अंतिम निर्णय चिकित्सक ही लेंगे.

    उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से विशेषज्ञ डॉक्टरों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के बीच की दूरी कम होगी. इससे समय पर उपचार सुनिश्चित करने और परिवहन संबंधी कठिनाइयों के कारण होने वाले जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी.

    राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी पर चिंता जताते हुए श्री सिंह ने कहा कि वर्तमान में रिम्स में विशेषज्ञ चिकित्सकों की पढ़ाई की व्यवस्था है, जहां नौ सीटें उपलब्ध हैं. सरकार अन्य संस्थानों में भी विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा शुरू करने की दिशा में काम कर रही है. अगले तीन से चार वर्षों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य है. इससे राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा.

    उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच समन्वय स्थापित कर मजबूत क्रिटिकल केयर इकोसिस्टम विकसित करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिसमें आर्थिक स्थिति और भौगोलिक दूरी किसी भी व्यक्ति के इलाज में बाधा न बने.

    सम्मेलन में देशभर से 150 से अधिक फैकल्टी और 200 से अधिक डॉक्टर भाग ले रहे हैं. कार्यक्रम की शुरुआत एक दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप से हुई. सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक सत्रों और विशेषज्ञ चर्चाओं का आयोजन किया जा रहा है.

    इस अवसर पर ISCCM के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणबीर सिंह त्यागी और राष्ट्रीय सचिव डॉ. घनश्याम जागोतकर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ उपस्थित रहे.

    आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार अग्रवाल और आयोजन सचिव डॉ. मनोज कुमार के नेतृत्व में सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. आयोजन समिति के सदस्य डॉ. विनोद, डॉ. विशाल विनोद, डॉ. तापस साहू, डॉ. जय प्रकाश, डॉ. विजय मिश्रा और डॉ. डीएसएन राव सहित रांची क्रिटिकल केयर सोसाइटी के सदस्यों ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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