Johar Live Desk : साल 2026 अपने साथ कई खगोलीय घटनाएं लेकर आएगा। इस साल कुल 4 ग्रहण होंगे – 2 सूर्य ग्रहण और 2 चंद्र ग्रहण। हालांकि, सभी ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे।
साल 2026 के ग्रहण और तारीखें:
सूर्य ग्रहण:
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17 फरवरी 2026: यह सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन लगेगा, लेकिन भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए इस दिन सूतक काल नहीं माना जाएगा।
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12 अगस्त 2026: यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन यह भी भारत में दिखाई नहीं देगा। यह स्पेन, रूस और पुर्तगाल के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा।
चंद्र ग्रहण:
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3 मार्च 2026: यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इस दिन सूतक काल सुबह 09:39 बजे से शुरू होकर शाम 06:46 बजे तक रहेगा। ग्रहण चंद्रोदय के समय शाम 06:26 बजे शुरू होकर शाम 06:46 बजे समाप्त होगा।
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28 अगस्त 2026: यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।
ग्रहण का महत्व:
भारतीय परंपरा में ग्रहण का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, इसलिए इस दौरान भोजन बनाने और पूजा-पाठ से बचा जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और घर की शुद्धि की जाती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है। जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं, तब ग्रहण लगता है। इसमें डरने की कोई बात नहीं है, बल्कि यह एक रोचक दृश्य होता है।
साल 2026 में ये ग्रहण धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोण से लोगों के लिए दिलचस्प होंगे। सही जानकारी होने से भ्रम से बचा जा सकता है और परंपराओं को भी बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।


