गिरिडीह। धनवार थाना क्षेत्र के खोरीमहुआ में उमराह यात्रा के दौरान सऊदी अरब में फंसे अपने माता-पिता की मदद के लिए पहुंचे युवक मो. हैदर अली उर्फ हैदर अंसारी की कथित मारपीट में मौत का मामला सामने आया है. मृतक के परिजनों ने मदीना ट्रैवल्स के संचालक मो. इलियास अंसारी और उसके सहयोगियों पर बेरहमी से मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है. घटना के विरोध में 5 नवंबर को खोरीमहुआ चौक पर ग्रामीणों ने करीब नौ घंटे तक सड़क जाम रखा. परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग कर रहे हैं.
परिजनों के अनुसार, मृतक को अभी नहीं दफनाया गया है, वे इंतजार पुलिस के कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. वहीं सभी के सहयोग से मृतक के माता-पिता को उमराह से वापस लाया जा रहा है. वे कल हैदराबाद पहुंचेंगे. इसके बाद बाकी के कार्यों को किया जाएगा.
क्या है पूरा मामला
परिजनों के अनुसार, 28 सितंबर को हैदर के माता-पिता करीब 21 लोगों के जत्थे के साथ उमराह के लिए सऊदी अरब गए थे. जिसके बाद ट्रैवल संचालक मो. इलियास अंसारी अपने 4 खास लोगों के साथ वापस आ गए. जिसके बाद हैदर के माता-पिता समेत बाकी लोग वहीं फंस गए. जिसके बाद हैदर अली अपने माता-पिता की हाल खबर (वापस घर आने की बात) के ट्रैवल लिए संचालक इलियास अंसारी के पास गया. इस दौरान वह कई बार पहुंचा, माता-पिता की परेशानी की जानकारी मिलने पर हैदर ने ट्रैवल्स संचालक को 30 हजार रुपये भी दिए थे. इसके बावजूद संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर वह अपने मौसेरे भाई इसराफिल अंसारी के साथ संचालक के घर पहुंचा था.
परिजन ने बताया कि इसके बाद हैदर परेशानी में कुछ जानकारी नहीं मिलने पर वह बातों में मदीना ट्रैवल्स के बारें में कह दिया कि यह रजिस्टर्ड नहीं है, जिसके बाद 7 लोगों ने हैदर पर हमला किया और उसकी जान ले ली. परिजन बताते हैं कि यह किसी पेशेवर हत्यारों की तरह हत्या की है.
परिजन ने यह भी बताया कि एक अन्य व्यक्ति की हाथ तोड़ी गई, जिसके परिजन सऊदी अरब में फंसे हैं.
हैदर पेशे से शिक्षक थे. उनके पीछे पत्नी और दो बेटियां हैं. उनकी पत्नी शिक्षिका हैं.
परिजनों ने CBI और ED जांच की मांग की
मृतक के भाई प्रवेज अंसारी ने ट्रैवल्स एजेंसी के संचालक मो. इलियास अंसारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि उमराह, हज और मदरसे के नाम पर अवैध तरीके से धन जुटाकर प्रभाव और दबदबा कायम किया गया है. उन्होंने इस पूरे मामले की CBI और ED से जांच कराने की मांग की है.
प्रवेज अंसारी ने विदेशी फंडिंग के जरिए कथित नेटवर्क संचालित किए जाने की आशंका भी जताई है. उनका कहना है कि यह सिर्फ हत्या का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे एक बड़े नेटवर्क की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि अपने परिजनों की सऊदी अरब से वापसी के लिए आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश की जाती है. साथ ही उन्होंने आरोपियों को प्रभावशाली लोगों का संरक्षण मिलने की आशंका जताई है.
पुलिस ने दिया भरोसा, जल्द होगी गिरफ्तारी
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण धनवार थाना पहुंचे थे. इसके बाद 5 नवंबर को शव लेकर खोरीमहुआ चौक पहुंचे और सुबह 11 बजे से मुख्य सड़क पर रखकर जाम कर दिया. करीब नौ घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा. ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे.
परिजनों के अनुसार, डीएसपी ने पहले 24 घंटे के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिया था. निर्धारित समय में गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस की ओर से 48 घंटे का अतिरिक्त समय मांगा गया. डीएसपी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
इस मामले को लेकर परिजनों ने झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से भी मुलाकात की. घोड़थम्भा के जिला परिषद प्रतिनिधि सिराज अंसारी, पिंडरसोत पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि अजीत कुमार और झामुमो नेता मुस्लिम अंसारी ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
घटना के बाद से इलाके में आक्रोश का माहौल है. हैदर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनकी पत्नी और दो बेटियों के भविष्य को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता है.


