Ranchi: झारखंड वित्त विभाग ने गुमला के ट्रेजरी ऑफिसर के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना जवाब देने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई गुमला जिले में वेतन मद से हुई कथित फर्जी निकासी की जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप के बाद की गई है।
मामले की पृष्ठभूमि
गुमला जिले में वेतन मद से हुई फर्जी निकासी की जांच के लिए निदेशक, डीआरडीए की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच समिति के अध्यक्ष ने वित्त विभाग को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि ट्रेजरी ऑफिसर जांच प्रक्रिया में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे हैं। जांच समिति ने मुख्यालय से एक विशेष दल भेजकर मामले की विस्तृत जांच कराने और ट्रेजरी ऑफिसर को जांच में सहयोग करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।
क्या है आरोप और बहानेबाजी
जांच समिति ने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से बताया है कि जब भी ट्रेजरी ऑफिसर से जांच के लिए आवश्यक दस्तावेज मांगे जाते हैं, तो वे यह रटा-रटाया जवाब देते हैं कि दस्तावेज महालेखाकार (एजी) कार्यालय को सौंप दिए गए हैं। इतना ही नहीं, जब समिति ने उनके लॉगिन आईडी से किसी बिल की मांग की, तो उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह संभव नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि ट्रेजरी ऑफिसर इन बहानेबाजी के जरिए फर्जी निकासी के बड़े मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
विभाग की कड़ी चेतावनी
वित्त विभाग ने जिला स्तरीय जांच समिति के पत्र को काफी गंभीरता से लिया है। विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि ट्रेजरी ऑफिसर का यह रवैया न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि उच्चाधिकारियों के आदेशों की सीधी अवहेलना भी है। वित्त विभाग ने उन्हें सख्त निर्देश दिया है कि वे तुरंत जांच समिति को सहयोग करें और 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि क्यों न उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए।


