East Singhbhum : बहरागोड़ा की सड़कों पर पिछले तीन महीनों से पसरा सन्नाटा आखिरकार आज मुस्कान में बदल गया। शनिवार दोपहर वन विभाग की जांबाज टीम ने एक बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देते हुए उस बंदर को पकड़ लिया, जिसने पूरे बाजार इलाके में आतंक मचा रखा था।
करीब 80 लोग हो चुके थे घायल
इस बंदर की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते कुछ महीनों में इसने करीब 80 लोगों को लहूलुहान कर दिया था। आलम यह था कि शाम ढलते ही लोग बाजार जाने से कतराने लगे थे और दुकानदार भी जल्दी शटर गिराने लगे थे।
कई दिनों से चल रही थी निगरानी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। टीम लगातार बंदर की लोकेशन पर नजर रख रही थी। शनिवार दोपहर जैसे ही बंदर रॉजलाबांध दुर्गा मंडप के पास दिखाई दिया, वन कर्मियों ने बिना वक्त गंवाए घेराबंदी की और उसे सुरक्षित तरीके से पिंजरे में कैद कर लिया।
विशेष वाहन से जंगल भेजा जाएगा बंदर
रेस्क्यू के तुरंत बाद बंदर को विशेष पिंजरे वाले वाहन में शिफ्ट किया गया। वन विभाग ने साफ किया है कि इस बंदर को इंसानी बस्ती से दूर उसके प्राकृतिक आवास यानी घने जंगल में छोड़ा जाएगा, ताकि इंसान और वन्यजीव के बीच टकराव खत्म हो सके।
लोगों ने ली राहत की सांस
बंदर की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे फिर से चैन की नींद सो पाएंगे। बाजार में भी धीरे-धीरे रौनक लौटने लगी है।
वन विभाग की टीम को ग्रामीणों का सलाम
ग्रामीणों और दुकानदारों ने वन विभाग की रेस्क्यू टीम की जमकर तारीफ की। लोगों ने कहा कि विभाग की तत्परता और सूझबूझ ने एक बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया। कई लोगों ने वन कर्मियों को धन्यवाद देते हुए उन्हें बहादुरी और जिम्मेदारी की मिसाल बताया।
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