Ranchi : प्रतिबंधित नक्सली संगठन द्वारा जंगल में बिछाए आईईडी ब्लास्ट में मृत व घायलों के आश्रितों तक चाईबासा पुलिस पहुंच कर उन्हें रोजगार से जोड़ने का प्रयास की। इस बेहतरीन पहल से चाईबासा पुलिस ने ग्रामीणों का विश्वास जीता है। यह कार्यक्रम सामुदायिक पुलिसिंग के तहत मनोहरपुर इलाके में आयोजित की गई। इस दौरान नक्सल हिंसा में मृत और घायल ग्रामीणों के आश्रितों को स्वावलंबी बनाने हेतु उनके बीच आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। महिलाओं के बीच सिलाई मशीन और पुरुषों के बीच टुल्लू पंप, कृषि उपकरण तथा दैनिक उपयोग सामानों का वितरण किया गया। इस मौके पर चाईबासा एसपी अमित रेणु, सहायक पुलिस अधीक्षक (परिक्ष्यमान) चाईबासा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मनोहरपुर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, किरीबुरु, पुलिस उपाधीक्षक, चाईबासा समेत मनोहरपुर, जराईकेला और छोटानागरा के थाना प्रभारी मौजूद थे।

ग्रामीणों की समस्याओं को सुना पुलिस ने
सामुदायिक पुलिसिंग के तहत चाईबासा ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना है। इस दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी बात पुलिस के समक्ष रखा। चाईबासा एसपी अमित रेणु ने ग्रामीणों की हर समस्या को जल्द से जल्द दूर करने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा यह भी एसपी ने वादा किया है कि चाईबासा पुलिस आपके लिए 24 घंटे तत्पर है। वहीं, ग्रामीणों को आईईडी की पहचान करने तथा उनसे बचाव के संबंध में जानकारी दिया गया।

चाईबासा पुलिस की ग्रामीणों से अपील
चाईबासा पुलिस के द्वारा दुर्गम क्षेत्र में अवस्थित गांवों के ग्रामीणों से अपील किया गया कि पगडंडियों-रास्तों पर दबे तार, कार्बन लपेटी वस्तु, बैट्ररी, लोहे का पाइप इत्यादि संदिग्ध वस्तु दिखे तो सर्तक हो जाएं। उन्हें किसी भी स्थिति में हांथ न लगाएं और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय थाना को दें। इससे पुलिस तत्काल अपने स्तर से कार्रवाई कर सकेगी।


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