Pakur (Mitthu Yadav) : पाकुड़–दुमका मुख्य सड़क पर स्थित सोनाजोड़ी पुल इन दिनों खतरे का दूसरा नाम बन चुका है। पुल की सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा गिर चुका है, लेकिन मरम्मत के नाम पर अब तक कुछ भी नहीं हुआ। यही वजह है कि इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों के मन में हर समय डर बना रहता है।
यह सड़क इलाके की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में ट्रक, हाईवा, बस और छोटे-बड़े वाहन यहां से गुजरते हैं। ऐसे में पुल की टूटी दीवार किसी बड़े हादसे को खुला न्योता देती नजर आ रही है। खासकर रात के समय या तेज रफ्तार में आने वाले वाहनों के लिए यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है।
एक महीने पहले हो चुकी है मौत, फिर भी नहीं चेता प्रशासन
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब एक महीने पहले इसी पुल के पास एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में जान चली गई थी। उस घटना के बाद लोगों को लगा था कि शायद प्रशासन अब जागेगा और पुल की मरम्मत कराएगा, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं होता, तब तक जिम्मेदार अधिकारी शायद हरकत में नहीं आते। पुल की दीवार गिरे कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही अस्थायी घेराबंदी की गई है।

भारी वाहनों की आवाजाही से बढ़ा खतरा
इस सड़क से रोजाना भारी मालवाहक गाड़ियां गुजरती हैं। हाईवा और ट्रकों की तेज रफ्तार से पुल पर कंपन भी होता है। ऐसे में दीवार टूटी होने के कारण संतुलन बिगड़ने पर वाहन सीधे नीचे गिर सकते हैं। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए तो यह और भी जोखिम भरा है।
स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि कई बार गाड़ियां पुल के किनारे तक चली जाती हैं और दीवार न होने से डर बना रहता है। अगर जरा सी चूक हो जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों में नाराजगी, तुरंत मरम्मत की मांग
आसपास के गांवों के लोगों में प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर देखने तक नहीं आया। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पुल की टूटी दीवार का तुरंत पुनर्निर्माण कराया जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे। लोगों का आरोप है कि प्रशासन हर बार हादसे के बाद ही जागता है, पहले से एहतियात नहीं बरतता।
किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों?
सवाल यही उठ रहा है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है। जब पुल की दीवार गिर चुकी है और पहले भी जान जा चुकी है, तो फिर त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
अगर समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई, तो सोनाजोड़ी पुल कभी भी बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक चुप्पी साधे रहते हैं और कब इस गंभीर समस्या का समाधान करते हैं।
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