koderma: कोडरमा जिले के सतगावां थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कटैया गांव का है, जहां गुरुवार देर रात हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने गांव में कई घरों को निशाना बनाया, जिससे ग्रामीणों को भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह कटैया मोड़ पर सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों ने सर्जन प्रसाद यादव के मिट्टी के घर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया और वहां बंधे भैंस के बच्चे को मार डाला। इसके अलावा द्वारिक यादव के पशु शेड को भी तोड़ दिया गया, जिससे मलबे में दबकर एक बकरी के बच्चे की मौत हो गई। हाथियों ने पंचायत भवन के गेट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। ग्रामीण इस बात से ज्यादा आक्रोशित हैं कि करीब 15 दिन पहले ही इसी गांव में हाथियों ने एक युवक की जान ले ली थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सौरभ कुमार शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर करीब दो घंटे बाद जाम हटवाया। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि हाथियों को भगाने के पुख्ता इंतजाम नहीं हुए, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
कोडरमा और आसपास के इलाकों में हाथियों का यह आतंक कोई नई बात नहीं है। पिछले कुछ महीनों की खबरों पर नजर डालें तो यह क्षेत्र हाथियों के कॉरिडोर के रूप में तब्दील होता दिख रहा है। इससे पहले भी डोमचांच और मरकच्चो जैसे इलाकों में हाथियों ने फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों में भोजन की कमी और मानवीय हस्तक्षेप के कारण हाथी अब रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं। यदि वन विभाग ने हाथियों को सुरक्षित जंगलों में वापस भेजने और ग्रामीणों को सुरक्षा देने के लिए कोई स्थाई योजना नहीं बनाई, तो आने वाले दिनों में मानव और हाथी के बीच यह संघर्ष और भी घातक रूप ले सकता है।
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