Johar Live Desk : डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, जो धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके शुरुआती लक्षण अक्सर पैरों में दिखाई देते हैं। पैरों तक खून पहुंचने में समय लगता है, इसलिए डायबिटीज का असर सबसे पहले नसों और रक्त नलिकाओं पर पड़ता है। अक्सर लोग पैरों में होने वाले छोटे बदलावों को मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यही लक्षण आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकते हैं। समय रहते इन संकेतों को पहचानना और इलाज कराना बेहद जरूरी है।
- पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी : डायबिटीज के कारण नसों को नुकसान पहुंचता है, जिसे न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसकी वजह से पैरों में सुन्नपन, झुनझुनी या चुभन महसूस हो सकती है। शुरुआत में यह हल्का होता है, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
- जलन या चुभन की शिकायत : पैरों में लगातार जलन या चुभन को कई लोग थकान समझ लेते हैं। हालांकि, यह डायबिटीज का शुरुआती संकेत हो सकता है। यह समस्या खासतौर पर रात के समय ज्यादा महसूस होती है।
- घाव या कट का देर से भरना : डायबिटीज में शरीर की घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। ऐसे में छोटे घाव या कट भी लंबे समय तक ठीक नहीं होते और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
- सूखापन और दरारें : डायबिटीज के मरीजों में पैरों की त्वचा सूखी हो जाती है, जिससे दरारें पड़ने लगती हैं। फटी हुई त्वचा में संक्रमण होने की संभावना अधिक रहती है।
- त्वचा के रंग में बदलाव : पैरों की त्वचा का फीका या लाल होना, नाखूनों का पीला या मोटा हो जाना भी डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं। यह खराब ब्लड सर्कुलेशन और फंगल इंफेक्शन के कारण होता है।
- बार-बार इंफेक्शन होना : कमजोर इम्यून सिस्टम की वजह से डायबिटीज के मरीजों में पैरों में बार-बार फंगल या अन्य संक्रमण हो सकते हैं। नाखून और उंगलियों के बीच होने वाला इंफेक्शन भी खतरे का संकेत है।
- कमजोरी और चलने में परेशानी : पैरों में कमजोरी महसूस होना या चलने में दिक्कत होना नसों और मांसपेशियों के प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। इससे संतुलन बिगड़ने की समस्या भी हो सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर पैरों में गंभीर इंफेक्शन, अल्सर और यहां तक कि अंग कटने की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए अगर पैरों में ऐसे कोई भी असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड शुगर की जांच कराएं।
Also Read : हजारीबाग में जंगली हाथियों का कहर, तीन दिनों में दो लोगों की ले ली जान


