Palamu: झारखंड के पलामू जिले में प्रशासनिक अनुशासन और कार्यशैली को लेकर जिला प्रशासन का रुख सख्त होता जा रहा है। शनिवार को पलामू उपायुक्त (DC) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के औचक निरीक्षण के दौरान सतबरवा प्रखंड कार्यालय में बड़ी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान बीडीओ (BDO) कृष्ण मुरारी तिरकी अपने कार्यालय से नदारद मिले, जिसके बाद डीसी ने कड़ी नाराजगी जताई और उनके खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
गायब मिले बीडीओ, क्लर्क पर हुई कार्रवाई
सतबरवा प्रखंड कार्यालय पहुँचते ही डीसी शेखावत ने वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के अपने पद पर नहीं होने और कार्यालय में व्यवस्थाओं के प्रति उदासीनता देख डीसी ने फटकार लगाई।
प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह था कि कार्यालय के एक क्लर्क ने मामले को छिपाने के लिए गलत जानकारी दी। इस पर डीसी ने तत्काल प्रभाव से उस क्लर्क को सस्पेंड करने का आदेश दिया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कामकाज में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों का भी लिया जायजा
केवल प्रखंड कार्यालय ही नहीं, बल्कि डीसी ने सतबरवा क्षेत्र के अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों का भी निरीक्षण किया:
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र: डीसी ने अस्पताल की साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता की गहन समीक्षा की।
बालिका उच्च विद्यालय: यहाँ शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत संरचना और स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली को परखा गया।
प्रशासन का सख्त संदेश
आज सतबरवा के बालिका उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया।इस दौरान 10वीं के बालिकाओं से संवाद कर खूब मेहनत करने एवं संघर्ष से पीछे नहीं हटने की बात कही।@prdjharkhand pic.twitter.com/qLssM7rVNq
— DC Palamu (@DC_Palamu) April 25, 2026
डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के इस औचक निरीक्षण ने पूरे जिले के अधिकारियों को सचेत कर दिया है। पलामू प्रशासन का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक बिना किसी रुकावट के पहुँचाना है। जिले के आला अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और ड्यूटी से नदारद रहने वाले या काम में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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