Godda/Ranchi : झारखंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में अब अंदर से ही आवाज उठने लगी है। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने गोड्डा के DC को पत्र लिखकर पथरगामा अंचल में हो रहे अवैध बालू उठाव पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह पत्र सोशल मीडिया पर भी साझा किया है, जिसके बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
छह महीने से जारी अवैध बालू उठाव
प्रदीप यादव ने अपने पत्र में बताया कि पथरगामा क्षेत्र की गेरुआ नदी के कई घाटों पर पिछले करीब छह महीनों से बड़े पैमाने पर अवैध बालू का उठाव हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस पर कार्रवाई करने के बजाय आंख मूंदे बैठा है, जिससे यह कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है।
हर दिन लाखों की अवैध वसूली का आरोप
विधायक ने सबसे बड़ा आरोप अवैध वसूली को लेकर लगाया है। उनके मुताबिक रोज करीब 150 हाइवा ट्रकों से बालू उठाया जाता है और हर ट्रक से करीब 18,500 रुपये वसूले जाते हैं। इस हिसाब से रोजाना करीब 27 लाख 75 हजार रुपये की अवैध उगाही हो रही है। उन्होंने कहा कि इससे जुड़े लोगों को सीधा आर्थिक फायदा पहुंच रहा है।
जलस्तर गिरने और खेती पर असर की चिंता
लगातार हो रहे बालू उठाव को लेकर विधायक ने पर्यावरणीय असर की भी बात कही है। उन्होंने कहा कि गेरुआ नदी का जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे आसपास के गांवों में पानी की किल्लत हो सकती है। इसके साथ ही खेती और सिंचाई पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई गई है, जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ सकती है।
कार्रवाई और निगरानी की मांग
प्रदीप यादव ने DC से मांग की है कि अवैध बालू उठाव पर तुरंत रोक लगाई जाए। साथ ही पिछले छह महीनों में हुई कथित अवैध वसूली की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने बालू ढुलाई में लगे वाहनों की ट्रैकिंग और निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने की बात कही है।
सियासी मायने भी गहरे
अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र पर कांग्रेस विधायक का इस तरह सवाल उठाना राजनीतिक तौर पर भी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
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