Ranchi : झारखंड में ईद, सरहुल और रामनवमी को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद मोर्चा संभालते हुए गुरुवार को अपने आवासीय कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के डीसी और एसपी के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सीएम ने साफ कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह है कि राज्य के लोग शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मना सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अप्रिय घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभी जिलों को सख्त निर्देश, अधिकारियों को अलर्ट पर रहने को कहा
बैठक में मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी समेत तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने सभी जिलों के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने और हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखने को कहा। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन इलाकों को संवेदनशील के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जाए। ताकि किसी भी स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके और माहौल बिगड़ने से पहले ही कार्रवाई हो।
CCTV और ड्रोन से होगी निगरानी
सीएम ने साफ कहा कि जुलूस और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर खास नजर रखी जाए। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे हर गतिविधि पर नजर रखना आसान होगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर
अफवाहों को रोकने के लिए सोशल मीडिया सेल को पूरी तरह एक्टिव कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखें और समय पर हस्तक्षेप करें।
शांति समिति के साथ बैठक, भाईचारा बनाए रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे स्थानीय शांति समितियों के साथ बैठक करें और लोगों के बीच आपसी विश्वास और भाईचारा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं और इन्हें मिल-जुलकर मनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
“हर हाल में शांति बनी रहनी चाहिए”: सीएम
बैठक के अंत में सीएम हेमंत सोरेन ने दोहराया कि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करें ताकि हर नागरिक बिना किसी डर के त्योहार का आनंद ले सके।
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