Jamshedpur : झारखंड सरकार की ओर से मंगलवार को पेश किए गए बजट पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यह बजट आम लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह विफल रहा है। रघुवर दास ने बयान जारी कर कहा कि बजट में बड़े-बड़े आंकड़ों का खेल दिखाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित करने की घोषणा मात्र से विकास सुनिश्चित नहीं होता।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि क्या सरकार ने पिछले बजट में घोषित योजनाओं की राशि का पूरा और प्रभावी उपयोग किया? कितनी योजनाएं धरातल पर उतरीं और कितने लाभुकों तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचा? उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए।
रघुवर दास ने कहा कि किसी भी बजट की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर और पारदर्शी तरीके से हो। यदि आवंटित राशि का सही उपयोग नहीं होता है, तो वह केवल कागजी घोषणा बनकर रह जाती है। दास ने आरोप लगाया कि मौजूदा बजट में ठोस कार्ययोजना और प्रभावी निगरानी तंत्र की स्पष्ट झलक नहीं दिखाई देती।
रघुवर दास ने कहा कि इस बजट में गरीबों, आदिवासियों, किसानों, महिलाओं और युवाओं की अपेक्षाओं की अनदेखी की गई है। विशेष रूप से युवाओं के लिए रोजगार सृजन को लेकर कोई प्रभावी और ठोस पहल नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी एक गंभीर समस्या है, लेकिन बजट में इसे दूर करने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से अपील की कि वह केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर परिणाम देने की दिशा में ठोस कदम उठाए। उन्होंने इस बजट को घोर निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह राज्य के समग्र विकास को गति देने में सक्षम नहीं दिखता।
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