Ranchi : कांके रोड में चर्चित चंदवे बस्ती के कुछ हिस्सों को ब्रहम्चारी नगर का नाम देकर और आदिवासी जमीन को जनरल बनाकर बेचने मामले में एक नया मोड़ आया है। जोहार लाइव की टीम ने पूरे ब्रहम्चारी नगर का भ्रमण किया है। इस दौरान ब्रहम्चारी नगर में आदिवासी जमीन पर एक से एक आलीशान मकानों के निर्माण कार्य में तेजी होते देखा। आदिवासी रैयतों को धूलभर पैसा देकर उसकी करोड़ों की जमीन खुद की संपत्ति अर्जित करने में भू-माफिया जुटे है। अगर, देखा जाये तो खाता संख्या 35 और खाता संख्या 54 की जमीन पर यह खेल बड़े पैमाने पर हो रहा है। इस पूरे खेल में एक से बढ़कर एक लोग शामिल है। हालांकि, जल्द ही इस पूरे खेल से पर्दा उठाने के लिए एक जांच एजेंसी की टीम लोगों से पूछताछ शुरु करने वाली है। अब, अगली कहानी में आप पढ़ेंगे की कैसे आदिवासी जमीन को बनाया कागजात पर जनरल और किन-किन लोगों की है मिलीभगत।
वंशावली में पूरी जमीन आदिवासी रैयतों के नाम
ब्रहम्चारी नगर की पूरी जमीन खाता संख्या 35 और खाता संख्या 54 पर खड़ी है। इनदोनों खाता का पूरा कागजात जोहार लाइव के पास उपलब्ध है। पूरी टीम ने जब कागजात और अंचल से सूचना एकत्रित की, तो पता चला कि वंशावली में पूरी जमीन आदिवासी रैयतों के नाम पर है। वंशावली की शुरुआत शनिचरवा पाहन से शुरु होकर बन्नू पाहन होते हुए अंतिम विनोद पाहन और राम पाहन पर रुका है। जबकि, विनोद के दो बच्चे (दोनों बेटा) और राम के भी दो बच्चे (एक बेटा, एक बेटी) शामिल है।
IPS भी जमीन लेकर फंसे भू-माफियाओं के मकड़जाल में
सूत्रों की मानें, तो चंदवे बस्ती के नाम को बदलकर ब्रहम्चारी नगर बनाने वाले भू-माफिया ही सरकारी विभाग के अधिकारियों को उक्त जगह पर जमीन औन-पौन दाम पर उपलब्ध कराया है। इस जगह पर कुछ IPS अधिकारी को भी भू-माफिया ने जमीन उपलब्ध कराया है। जिनसे किसी तरह की कोई रकम नहीं ली गई है। यह सभी IPS अधिकारी उक्त जमीन को खुद के नाम पर न लेकर आदिवासी किसी कर्मचारी के नाम ले रखा है। हर तरफ धूल झौंकने का काम जारी है। आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री की शुरुआत
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