Ranchi : झारखंड के वोटर्स के लिए कल यानी 30 जून से एक बड़ा बदलाव शुरू होने जा रहा है। राज्य में पूरे 23 साल बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू हो रहा है, जो 29 जुलाई तक चलेगा। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर फुलस्टॉप लगाते हुए सूबे के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने साफ कर दिया है कि इस अभियान का मकसद किसी का नाम काटना नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट को ‘क्रिस्टल क्लियर’ बनाना है। दफ्तरों के चक्कर काटने के दिन गए। अब चुनाव आयोग खुद आपके दरवाजे पर आ रहा है। आम जनता को क्या करना है, कौन से कागजात चाहिए और किन अफवाहों से बचना है, जानिए…
1. सिर्फ एक फॉर्म, एक साइन और काम खत्म
- बीएलओ आएंगे आपके द्वार : आपके इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर आपके घर ‘गणना प्रपत्र’ (Enumeration Form) लेकर आएंगे।
- बस हस्ताक्षर जरूरी है : आपको फॉर्म में अपने परिवार की सही जानकारी भरनी है और नीचे अपने हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाना है।
- राज्य से बाहर हैं तो ‘बुक-ए-कॉल’ : अगर आप पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में झारखंड से बाहर हैं, तो टेंशन मत लीजिए। आप चुनाव आयोग के पोर्टल पर जाकर ‘Book-a-Call’ सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं या बीएलओ के नंबर पर सीधे फोन कर काम करा सकते हैं।
- 18 साल वालों के लिए मौका : जिनकी उम्र 1 अक्टूबर 2026 तक 18 साल हो रही है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।
2. डाक्यूमेंट्स का झंझट खत्म, फर्जी कागज बनवाया तो सीधे जेल
- कोई दस्तावेज नहीं चाहिए : सबसे राहत वाली बात यह है कि इस शुरुआती चरण में आपको बीएलओ को कोई भी डॉक्यूमेंट (जैसे आधार, जन्म प्रमाण पत्र या निवास नीति) नहीं देना है। सिर्फ आपका साइन ही काफी है।
- 2003 से पहले वाले वेरिफाइड हैं : जिनका नाम 2003 या उससे पहले की वोटर लिस्ट में है, उन्हें पहले से ही वेरिफाइड माना गया है।
- फर्जीवाड़े से बचें : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि जब कोई कागज मांगा ही नहीं जा रहा, तो किसी दलाल के चक्कर में न पड़ें। फर्जी डाक्यूमेंट्स देने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
3. इन 5 वजहों से कट सकता है नाम
चुनाव आयोग इस बार ‘फाइव-फिल्टर’ फार्मूले पर काम कर रहा है। इन 5 कैटेगरी के लोगों को लिस्ट से री-वेरिफाई या शिफ्ट किया जाएगा।
- दोहरी नागरिकता/वोट : जिनका नाम झारखंड के साथ-साथ बिहार, बंगाल या अन्य राज्यों में भी है।
- शिफ्टेड : जो शादी या रोजगार की वजह से हमेशा के लिए दूसरी जगह बस गए हैं।
- मृतक : जिन वोटर्स की मौत हो चुकी है, उनके नाम हटाए जाएंगे।
- लापता : जो जांच के दौरान अपने दिए गए पते पर नहीं मिलेंगे।
- विदेशी नागरिक : यह सिर्फ भारतीय नागरिकों की शुद्धता जांचने के लिए है।
4. डायरी में नोट कर लें ये 5 तारीखें
| तारीख | क्या होगा? | जनता को इससे क्या फायदा? |
| 30 जून से 29 जुलाई 2026 | घर-घर गणना | बीएलओ आपके घर आकर फॉर्म भरवाएंगे। |
| 5 अगस्त 2026 | ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन | पहली लिस्ट जारी होगी, आप चेक कर सकते हैं कि नाम सही है या नहीं। |
| 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 | दावा और आपत्ति का दौर | अगर नाम छूट गया या गड़बड़ी हुई, तो सुधार के लिए फॉर्म भरें। |
| 5 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 | आपत्तियों का निपटारा | चुनाव आयोग सभी शिकायतों की जांच कर उन्हें सुधारेगा। |
| 7 अक्टूबर 2026 | फाइनल एसआईआर लिस्ट | झारखंड की 100% शुद्ध और नई वोटर लिस्ट जारी हो जाएगी। |
कल सुबह यानी 30 जून को सुबह 11 से 12 बजे तक राज्य के सभी बूथों पर ‘चुनाव पाठशाला’ का आयोजन भी किया जा रहा है। चुनाव आयोग की अपील है कि जागरूक बनें, अफवाहों पर ध्यान न दें और जब बीएलओ आएं तो सही जानकारी देकर लोकतंत्र के इस महा-सत्यापन में अपना सहयोग दें।
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