Dhanbad : नए श्रम कानून यानी चार लेबर कोड के विरोध में आज यानी गुरुवार को देशभर में भारत बंद का आह्वान किया गया है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कई किसान संगठनों ने मिलकर इस बंद को बुलाया है। कोयला नगरी धनबाद में भी इसे सफल बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। कोयला उद्योग से लेकर बैंकिंग सेक्टर तक, कई क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। खासकर बीसीसीएल, ईसीएल और सीसीएल जैसी कोयला कंपनियों पर सबकी नजर टिकी हुई है।
किन संगठनों ने बुलाया है बंद?
यह बंद संयुक्त मोर्चा के बैनर तले बुलाया गया है। इसमें करीब 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन शामिल हैं – जैसे INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा और कई किसान संगठनों ने भी इस बंद को समर्थन दिया है। यानी मजदूर और किसान संगठन एक मंच पर आ गए हैं।
आखिर क्यों बुलाया गया है भारत बंद?
मजदूर संगठनों का कहना है कि नए लेबर कोड से कामगारों के अधिकार कमजोर होंगे। वहीं किसान संगठनों का आरोप है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और कुछ अन्य नीतियां किसानों के हित में नहीं हैं। इन मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए ही देशव्यापी हड़ताल और बंद का फैसला लिया गया है।
धनबाद में किन-किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है असर?
- कोयला उद्योग : धनबाद कोयला नगरी है, इसलिए सबसे बड़ा असर यहीं देखने को मिल सकता है। बीसीसीएल, ईसीएल और सीसीएल में काम प्रभावित हो सकता है। हालांकि प्रबंधन ने उत्पादन जारी रखने की तैयारी की है।
- बैंकिंग सेवाएं : सरकारी बैंकों के कर्मचारी बंद का समर्थन कर सकते हैं। ऐसे में कई शाखाओं में कामकाज सीमित या प्रभावित रह सकता है।
- परिवहन व्यवस्था : बस, ऑटो और टैक्सी चालकों के बंद में शामिल होने की संभावना है। इससे सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम हो सकती है और लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
- बाजार और दुकानें : कुछ इलाकों में बाजार, मॉल और स्थानीय दुकानें बंद रह सकती हैं, हालांकि यह पूरी तरह स्थानीय हालात पर निर्भर करेगा।
- सरकारी दफ्तर और अन्य संस्थान : सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों में कर्मचारियों की कमी से काम प्रभावित हो सकता है।
हड़ताल से निपटने के लिए बीसीसीएल की बड़ी तैयारी
चार लेबर कोड के खिलाफ प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए बीसीसीएल प्रबंधन ने कड़े इंतजाम किए हैं। कंपनी में करीब 32 हजार कोयला कर्मी कार्यरत हैं। मुख्यालय ‘कोयला भवन’ समेत सभी एरिया में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो देर रात से ही काम करना शुरू कर देंगे। तीन सदस्यीय अधिकारियों की टीम हर शिफ्ट में तैनात रहेगी और पहली पाली से तीसरी पाली तक लगातार रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। हर एरिया में सीआईएसएफ की क्यूआरटी (त्वरित कार्रवाई दल) भी तैनात की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
जबरन हड़ताल कराने पर होगी कार्रवाई
बीसीसीएल प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि कार्यस्थल पर सीसीटीवी, फोटो और वीडियो के जरिए निगरानी रखी जाएगी। अगर कोई भी व्यक्ति कर्मचारियों को जबरदस्ती हड़ताल पर जाने के लिए दबाव बनाता है या काम से रोकता है, तो उसके खिलाफ आईडी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में कोयला भवन से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
भारतीय मजदूर संघ ने बनाई दूरी
जहां कई यूनियनें हड़ताल में शामिल हैं, वहीं भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने इस बंद से दूरी बनाने का फैसला किया है। उनका कहना है कि देशहित में कोयला उत्पादन और डिस्पैच जारी रहना चाहिए।
सीएमडी की अपील – काम पर आएं कर्मचारी
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे राष्ट्रहित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम पर आएं। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के उत्पादन और आपूर्ति लक्ष्य को किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों की विशेष टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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