New Delhi : कड़ाके की ठंड शुरू होते ही कई लोगों को कमर, गर्दन और कंधों में तेज दर्द और जकड़न की शिकायत होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर गर्मी बचाने के लिए रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ देता है, जिससे मांसपेशियों तक रक्त का संचार कम हो जाता है। इसके कारण मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और पुराने दर्द भी फिर से सक्रिय हो सकते हैं।
ठंड में शारीरिक गतिविधि कम हो जाने और घंटों गलत स्थिति में बैठे रहने से रीढ़ और कंधों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। साथ ही, ठंडी हवाओं से मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है। यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह दर्द दीर्घकालिक समस्या बन सकता है।
राहत पाने के घरेलू उपाय
गर्म तेल की मालिश: सरसों के तेल में लहसुन और अजवाइन मिलाकर हल्का गर्म कर कमर और कंधों की मालिश करें। यह मांसपेशियों में रक्त संचार बढ़ाकर दर्द और जकड़न को कम करता है।
सही कपड़े पहनें: सिर्फ भारी जैकेट से काम नहीं चलेगा। कमर और कंधों को गर्म रखने के लिए थर्मल कपड़े पहनें और बाइक चलाते समय मफलर का इस्तेमाल करें।
स्ट्रेचिंग और हल्का व्यायाम: हर एक घंटे में उठकर स्ट्रेचिंग करें। योग में भुजंगासन और मर्कटासन कमर और रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद हैं।
आहार और हाइड्रेशन: हल्दी, अदरक और मेथी जैसे भोजन मांसपेशियों की सूजन कम करने में मदद करते हैं। साथ ही, दिनभर गुनगुना पानी पीते रहें ताकि मांसपेशियां रिलैक्स रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दर्द बहुत तेज हो या पैरों में सुन्नपन महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


