Ranchi : झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सीएम पर संविधान और लोकतंत्र के नाम का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है।
. @HemantSorenJMM जी, आपके मुँह से संविधान और लोकतंत्र की दुहाई देना शोभा नहीं देता। संविधान की दुहाई देकर हर असंवैधानिक काम को अंजाम देना आपकी पहचान बन चुकी है। मुख्यमंत्री रहते हुए स्वयं खनन लीज लेकर पद का दुरुपयोग करना, जांच एजेंसियों के विधिसम्मत नोटिस की अवहेलना करना,…
— Babulal Marandi (@yourBabulal) February 6, 2026
संविधान और लोकतंत्र की दुहाई पर उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा कि सीएम हेमंत सोरेन के लिए संविधान और लोकतंत्र की दुहाई देना बिल्कुल भी शोभा नहीं देता। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री रहते हुए हेमंत सोरेन ने खुद कई ऐसे काम किए हैं, जो सीधे तौर पर असंवैधानिक हैं।
खनन लीज से लेकर जांच एजेंसियों की अनदेखी तक आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री रहते हुए खनन लीज लेकर अपने पद का दुरुपयोग किया। इसके अलावा उन्होंने जांच एजेंसियों द्वारा भेजे गए विधिसम्मत नोटिस की भी अवहेलना की। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राजनीतिक विरोधियों को फर्जी मामलों में फंसाना और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट तक जाना भी उनकी संविधान विरोधी सोच को दर्शाता है।
नगर निकाय चुनाव को लेकर जताई गंभीर चिंता
बाबूलाल मरांडी ने अक्टूबर 2024 में प्रस्तावित नगर निकाय चुनावों को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव अक्टूबर 2024 की पुरानी मतदाता सूची के आधार पर कराए जाने की तैयारी हो रही है, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
लाखों मतदाता हो सकते हैं वोटिंग से वंचित
उनका कहना है कि 1 अक्टूबर 2024 के बाद जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में जुड़ा है या जिन्होंने अपना स्थान परिवर्तन किया है, वे लाखों की संख्या में नगर निकाय चुनाव में न तो वोट डाल पाएंगे और न ही प्रत्याशी बन सकेंगे। इससे खासकर युवा मतदाताओं को भारी नुकसान होगा।
लोकतंत्र की भावना के खिलाफ फैसला : मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने साफ कहा कि इस तरह का कदम लोकतंत्र की भावना के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर युवाओं और नए मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रही है।
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