Bokaro : डीवीसी (दामोदर घाटी निगम) के बोकारो थर्मल पावर स्टेशन पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। राख के निस्तारण की समस्या के कारण 500 मेगावाट क्षमता वाली ए यूनिट को शुक्रवार मध्यरात्रि करीब 12:15 बजे पूरी तरह बंद करना पड़ा। बंद होने के समय यूनिट से केवल 120 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था।
क्यों थमी बिजली की रफ्तार?
नूरी नगर स्थित दोनों ऐश पोंड (राख के तालाब) अपनी पूरी क्षमता से भर चुके हैं। 28 फरवरी से राख का उठाव पूरी तरह ठप होने के कारण प्रबंधन के पास यूनिट को बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। जानकारी के अनुसार, छाई उठाव का जिम्मा संभालने वाली कंपनी सारण ने हाईवा मालिकों को पिछले दो महीनों का भुगतान नहीं किया। बकाया न मिलने पर नाराज संचालकों ने 28 फरवरी से काम रोक दिया।
होली की छुट्टियों और पुरानी यादें
डीवीसी ने इस गतिरोध के लिए होली की छुट्टियों को भी जिम्मेदार बताया है। वहीं, वर्तमान स्थिति ने सितंबर 2019 की उस भीषण त्रासदी की यादें ताजा कर दी हैं, जब ऐश पोंड टूटने से इलाके में भारी तबाही मची थी। उस समय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने डीवीसी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
बिजली उत्पादन पर असर और आर्थिक नुकसान
500 मेगावाट की यूनिट ठप होने से न केवल बिजली की आपूर्ति पर असर पड़ा है, बल्कि इससे भारी आर्थिक नुकसान का भी अनुमान लगाया जा रहा है। प्रबंधन ने कहा है कि जैसे ही राख का निस्तारण पुनः शुरू होगा, यूनिट को दोबारा चालू किया जाएगा।
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