Joharlive Desk
नयी दिल्ली, 17 फरवरी : सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र के विस्तार और संबंधित उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए 12 हजार 195 करोड़ रुपए की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक के बाद दूरसंचार तथा इलेक्ट्रोनिक्स एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह योजना एक अप्रैल 2021 से प्रभावी होगी और अगले पांच वर्ष के लिए होगी। इससे देश में दूरसंचार, नेटवर्किंग एवं मोबाइल और अन्य उपकरणों के विनिर्माण काे गति मिलेगी और देश में इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर का उत्पादन हो सकेगा।
उन्होेंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए आधार वर्ष 2019-20 होगा। छोटे उद्योगों को सामान्य उद्योग की तुलना में एक प्रतिशत अधिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। छोटे उद्योगों को कम से कम 10 करोड़ रुपए और सामान्य उद्योगों को कम से कम 100 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा।
श्री प्रसाद ने कहा कि इस योजना से देश में मोबाइल फोन सेट और अन्य उपकरणों का विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 31 जुलाई 2020 को घोषित की रियायतों के बेहतर परिणाम सामने आये हैं और दुनिया में मोबाइल फोन सेट उत्पादन में देश दूसरे स्थान पर आ गया है।
उन्होंने कहा कि इस योजना से तकरीबन 50 हजार करोड़ रुपए के दूरसंचार उपकरण तथा नेटवर्किंग उपकरणों का आयात रोकने में मदद मिलेगी। इससे मेक इन इंडिया अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा। इस योजना से दूरसंचार उपकरणों का उत्पादन 2.4 लाख करोड़ रुपए तक होने की उम्मीद है। इसमें दो लाख करोड़ रुपए का निर्यात भी होगा। इस योजना से देश में 3000 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है।
दूरसंचार उपकरण बनाने के लिए 12195 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन योजना का ऐलान
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