केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा कार्यकाल का प्रावधान मंजूर किया है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने 4 नवंबर को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों के लिए ‘सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को मंजूरी दी है. इस व्यवस्था के तहत चार साल का शुरुआती कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल और सेवा करने का अवसर मिलेगा. इसके बाद निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने वाले इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर भी दिया जाएगा.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेगी. पहले चार साल की सेवा व्यवस्था समाप्त नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि पहले चरण में नियमित सैनिक के रूप में चयनित नहीं हो पाने वाले अग्निवीरों को दूसरे दो साल के कार्यकाल में अपनी योग्यता, अनुभव और कौशल के आधार पर आगे सेवा करने का अवसर मिलेगा.
25 फीसदी अग्निवीरों का नियमित सेवा में चयन
अग्निपथ योजना के मौजूदा प्रावधान के अनुसार, चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों में से अधिकतम 25 फीसदी को योग्यता और निर्धारित मानदंडों के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जाता है. नए प्रावधान में बाकी अग्निवीरों को भी दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल का अवसर देने की बात कही गई है. इस अवधि के बाद निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने वाले इच्छुक अग्निवीर नियमित सेवा में शामिल होने के लिए पात्र होंगे.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले को सशस्त्र बलों में दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सेना को युवा, शारीरिक रूप से अधिक सक्षम, तकनीकी रूप से सुसज्जित और भविष्य की युद्ध संबंधी चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है.
अनुराग ठाकुर ने किया फैसले का स्वागत
भाजपा नेता और हिमाचल प्रदेश से सांसद अनुराग ठाकुर ने इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने इसे सशस्त्र बलों और अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया. ठाकुर ने कहा कि चार साल की सेवा के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों का चयन योग्यता के आधार पर नियमित सैनिकों के रूप में किया जाएगा, जबकि शेष अग्निवीरों को दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल का अवसर मिलेगा.
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त कार्यकाल के बाद निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले इच्छुक अग्निवीरों को स्थायी सेवा में शामिल होने का अवसर मिलेगा. ठाकुर ने इसे सैन्य सेवा में युवाओं के अनुभव, अनुशासन और क्षमता को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला बताया.
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से भाजपा अपने फैसलों से पलटती है, उसका नाम भारतीय जनता पार्टी के बजाय ‘भारतीय जनता पलटी’ होना चाहिए.
खेड़ा ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश में आगामी चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों से सशस्त्र बलों में बड़ी संख्या में भर्ती होती है. उनके मुताबिक, अग्निपथ योजना में यह बदलाव सरकार की भर्ती नीति पर उठाए गए सवालों को फिर से सामने लाता है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार इस योजना को अस्थिर बताते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने की मांग करते रहे हैं.
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